
अलीगढ़, 6 नवंबर . आठ वर्ष के अंतराल के बाद हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्र संघ चुनाव के नतीजे Friday को घोषित किए गए. रिसर्च स्कॉलर नोमान अशरफ अध्यक्ष पद पर विजयी रहे, जबकि लॉ की छात्रा नशरा नईम इतिहास रचते हुए छात्र संघ के तीन प्रमुख पदों में से एक पर चुनी जाने वाली पहली महिला बनी हैं.
बीटेक छात्र मोहम्मद हमदान को मानद सचिव (ऑनररी सेक्रेटरी) चुना गया. इसके साथ ही तीनों प्रमुख पदों के नतीजे सामने आ गए. एएमयू के एबीके स्कूल परिसर में Thursday रातभर वोटों की गिनती चली और Friday सुबह नतीजे घोषित किए गए. 5 नवंबर को 13 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए थे.
इतिहास विभाग के रिसर्च स्कॉलर नोमान अशरफ ने 7,797 वोट पाकर अध्यक्ष पद का चुनाव जीता. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद इंतखाब को 4,121 वोटों के अंतर से हराया. जैसे ही गिनती के अंतिम दौर में उनकी जीत पक्की हुई, उनके समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. परिसर में नारे लगाए गए और पटाखे फोड़े गए.
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष नोमान अशरफ ने कहा, “आठ साल के लंबे संघर्ष के बाद, आखिरकार हमें यह मौका मिला है, और यह बहुत खुशी का पल है. आप यहां छात्रों के बीच उत्साह और जोश देख सकते हैं.”
सचिव पद के चुनाव में बीटेक छात्र मोहम्मद हमदान विजयी रहे. चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा कि इस जीत के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आई है, और उन्होंने छात्रों से किए गए वादों को पूरा करने का भरोसा दिलाया. हमदान ने कहा, “इतनी बड़ी जीत के साथ एक और भी बड़ी जिम्मेदारी आती है, और मैं इसे निभाने की पूरी कोशिश करूंगा. मैंने जो भी वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए मैं अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करूंगा और पूरे दिल से काम करूंगा.”
इस चुनाव का सबसे अहम नतीजा उपाध्यक्ष पद के लिए रहा, जहां लॉ की छात्रा नशरा नईम ने इतिहास रच दिया. वह एएमयू छात्र संघ चुनाव के इतिहास में पहली ऐसी महिला बनीं, जिन्होंने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के तीन प्रमुख पदों में से किसी एक पर जीत हासिल की है.
उपाध्यक्ष पद के लिए सात उम्मीदवार मैदान में थे. नईम का मुकाबला साकिब अली खान से काफी कड़ा रहा, लेकिन गिनती के आखिरी दौर में उन्होंने बढ़त बना ली और जीत हासिल की. अपनी इस कामयाबी को सामूहिक प्रयासों का नतीजा बताते हुए नईम ने कहा, “मेरा मानना है कि इतने कम समय में, सीमित संसाधनों और एक छोटी-सी टीम के साथ यह मुकाम हासिल करना इसलिए संभव हो पाया क्योंकि हमारे साथ जुड़े लोगों में समर्पण, साहस और ईमानदारी थी.”
उन्होंने नेतृत्व को नए सिरे से परिभाषित करने और विश्वविद्यालय के छात्र समुदाय की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करने पर जोर दिया. उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि नेतृत्व को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है. पिछले आठ वर्षों में कई मुद्दे सामने आए हैं, और उससे पहले भी, जब छात्र संघ सक्रिय था, तब भी हमने कई चुनौतियों के बारे में सुना था.”
नईम ने अपनी जीत को पूरे छात्र समुदाय की जीत बताया और कहा कि उन्होंने एक खास विजन के साथ एक नए सफर की शुरुआत की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा. इन चुनावों के साथ आठ साल के अंतराल के बाद एएमयू छात्र संघ की चुनावी प्रक्रिया फिर से बहाल हो गई है. नतीजों के बाद पूरे कैंपस में छात्रों के बीच जश्न का माहौल देखने को मिला.
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एसडी/एएस
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