‘उसको सरकार से निराशा हो गई थी’, निशा भगत के पिता ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

गुमला, 7 नवंबर . आदिवासी नेता निशा भगत के पिता ने Government और स्थानीय Police पर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को मिली धमकियों और जमीन माफिया द्वारा परेशान किए जाने के बावजूद Government ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद निशा ने आत्महत्या कर ली. वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र लाल उरांव ने सीबीआई जांच की मांग की है और विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है.

निशा भगत के पिता देवेंद्र लाल उरांव ने कहा, “निशा भगत बहुत लड़ाकू और साहसी लड़की थी. किसी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का काम कर रही थी. उसको Government से निराशा हो गई थी. Government ने उसके किसी भी मामले को हल नहीं किया. निशा के चले जाने से यहां के लोग मर्माहत हैं. निशा ने जिन लोगों का नाम लिया है, उसके खिलाफ First Information Report दर्ज कर ली गई है. Government से मांग है कि इस मामले की सीबीआई जांच की जाए और दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए.”

देवेंद्र लाल उरांव ने कहा, “फेसबुक पर लाइव के दौरान निशा ने स्पष्ट किया था कि वह भूमाफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ रही थी. Government ने इस मामले में संज्ञान नहीं लिया. हेमंत सोरेन के अगल-बगल घूमने वाले लोग भूमाफिया हैं. अब Government को समय रहते संज्ञान लेना चाहिए और सीबीआई से जांच कराई जाए.”

सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र लालूराम ने कहा, “निशा भगत बेबाकी के साथ अपने समाज के मुद्दों को लेकर भूमाफियाओं और Government के दलालों को घेरती रही और अपने समाज के लिए आवाज उठाती रही. इसके लिए उसने आखिरी तक संघर्ष किया. वह अपने धर्म और संस्कृति के लिए लगातार आवाज उठा रही थी. भू माफियाओं द्वारा और Government के चमचों के द्वारा और Police-प्रशासन के जरिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. social media के माध्यम से लगातार उसके निजी जीवन पर हमला किया जा रहा था. इससे मर्माहत होकर उसने आत्महत्या कर ली. इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.”

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एसडी/पीएम