उर्मिला मातोंडकर ने किए संजीवनी हनुमान मंदिर के दर्शन, बोलीं- यहां मिलने वाली शांति का अनुभव जरूर करना चाहिए

Mumbai , 10 अक्टूबर . Bollywood की लोकप्रिय Actress उर्मिला मातोंडकर ने पहाड़ी पर स्थित संजीवनी हनुमान मंदिर के दर्शन किए और अपने आध्यात्मिक अनुभव की झलकियां साझा कीं. श्री हनुमान संजीवनी देवालयम, Himachal Pradesh के कसौली में सबसे ऊंची चोटी पर स्थित एक हिंदू मंदिर है.

उर्मिला ने इंस्टाग्राम पर मंदिर में भगवान का आशीर्वाद लेते हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की. उन्होंने भगवान हनुमान से जुड़ी उस कहानी का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार पहाड़ को वापस ले जाते समय उनका पैर इस पहाड़ी को छू गया था.

उन्होंने तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “India और इसके खूबसूरत मंदिर… ऐतिहासिक पहाड़ी पर स्थित संजीवनी हनुमान मंदिर जाने का शानदार मौका मिला. कहा जाता है कि जब हनुमान जी पहाड़ को वापस ले जा रहे थे, तो उनका पैर इस पहाड़ी की चोटी पर लगा था, इसलिए यहां की चट्टान को पैर के आकार में पूजा जाता है. यहां मिलने वाली शांति का अनुभव जरूर करना चाहिए.”

Actress उर्मिला ने 1977 की फिल्म ‘कर्म’ में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर एक्टिंग दुनिया में डेब्यू किया था. उन्हें ‘मासूम’ फिल्म से पहचान मिली, जिसके बाद वह कुछ और फिल्मों में नजर आईं.

1987 में टीनएजर के तौर पर उन्होंने बहुत सराही गई फिल्म ‘डकैत’ में काम किया, जिसमें उन्होंने सनी देओल की बहन का रोल निभाया था. उन्हें पहला लीड रोल मलयालम फिल्म ‘चाणक्यन’ में मिला और हिंदी सिनेमा में उनका पहला लीड रोल ‘नरसिम्हा’ फिल्म में था.

इसके बाद वह ‘जुदाई’, ‘सत्या’, ‘दिललगी’, ‘खूबसूरत’, ‘जंगल’, ‘कौन’, ‘प्यार तूने क्या किया’, ‘भूत’, ‘एक हसीना थी’, ‘तहजीब’, ‘पिंजर’, ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’, ‘बस एक पल’ और ‘अजोबा’ जैसी हिंदी फिल्मों में नजर आईं.

उर्मिला की दक्षिण भारतीय फिल्मों में ‘थाचोली वर्गीज चेकावर’, ‘अंथम’, ‘गायम’, ‘इंडियन’ और ‘अनगनागा ओका रोजु’ शामिल हैं.

Actress फिल्मों में एक्टिंग के अलावा, वह ‘झलक दिखला जा’ और ‘डीआईडी सुपर मॉम्स’ जैसे कई डांस रियलिटी शो में टैलेंट जज के तौर पर भी नजर आ चुकी हैं.

वह आखिरी बार 2018 की फिल्म ‘ब्लैकमेल’ में नजर आई थीं, जो अभिनय देव द्वारा निर्देशित एक ब्लैक कॉमेडी फिल्म थी. फिल्म में इरफान खान, कीर्ति कुल्हारी, अरुणोदय सिंह और दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में हैं और इसका निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अपूर्बा सेनगुप्ता और रोहित कडू देशमुख ने किया है.

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डीके/एएस