उत्तराखंड में संगठन को मजबूत करने पर फोकस, चुनाव की तैयारियों पर मंथन: अब्दुल मतीन सिद्दीकी

Lucknow, 22 सितंबर . Samajwadi Party के उत्तराखंड प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने उत्तराखंड राज्य कार्यकारिणी की बैठक, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), स्थायी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं पर पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि बैठक में उत्तराखंड में संगठन को मजबूत करने और चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है.

अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने कहा कि Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बुलाकर बैठक की. इसमें संगठन को मजबूत करने, चुनाव किस तरह लड़ा जाए और किन-किन सीटों पर पार्टी चुनाव लड़े, इन विषयों पर चर्चा हुई. अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के लोगों को काफी समय दिया और पार्टी के संगठन तथा चुनाव को लेकर उनकी चिंता स्पष्ट है. उत्तराखंड के निर्माण में Samajwadi Party का बड़ा योगदान रहा है. मुलायम सिंह यादव ने दोनों सदनों से प्रस्ताव पास कराकर दो बार भेजा था, जिसके बाद उत्तराखंड की स्थापना हुई. उन्होंने मुलायम सिंह यादव के Chief Minister कार्यकाल में पर्वतीय क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया. इनमें पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी, स्कूलों और हैंडपंपों का निर्माण शामिल है.

सिद्दीकी ने कहा कि उत्तराखंड बनने से पहले मुलायम सिंह यादव ने कौशिक समिति का गठन किया था. यदि बाद की Governmentें समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश चलातीं तो उत्तराखंड आज देश का नंबर वन प्रदेश होता.

समान नागरिक संहिता पर सिद्दीकी ने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है, लेकिन इसे लेकर अल्पसंख्यकों को नुकसान होने की बात को उन्होंने भ्रम बताया. उन्होंने तीन तलाक और हलाला से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन तलाक एक साथ देना पहले भी हराम था और आज भी हराम है. उन्होंने कहा कि Government के पास विकास के अलावा हिंदू-मुसलमान के मुद्दे के अलावा दूसरा मुद्दा नहीं है. जनता इस बात को समझ चुकी है और आने वाला समय सेक्युलर राजनीति का है. इसमें Samajwadi Party की भागीदारी जरूर रहेगी.

स्थायी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सिद्दीकी ने कहा कि प्रक्रिया निश्चित है और कई लोगों के नाम सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर इस पर कोई निर्णय हो सकता है. प्रदेश में किसी एक नेता को प्रदेश अध्यक्ष और एक-दो नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है. प्रभारी के साथ एक या दो सह-प्रभारी बनाए जाने की भी संभावना उन्होंने जताई.

उत्तराखंड में किसी पार्टी के साथ गठबंधन के सवाल पर सिद्दीकी ने कहा कि अभी तक कोई गठबंधन नहीं हुआ है. अगर आगे कांग्रेस की ओर से कोई मांग आती है तो इस पर फैसला Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे और उनका आदेश पार्टी के लिए मान्य होगा.

सनातन को लेकर उठने वाले सवालों पर उन्होंने अखिलेश यादव के इटावा में केदारनाथ मंदिर के निर्माण का जिक्र किया. सिद्दीकी ने कहा कि अगर अखिलेश यादव सनातन को नहीं मानते होते तो इटावा में इतना बड़ा केदारनाथ मंदिर नहीं बनवा रहे होते.