
पौड़ी, 4 सितंबर . India मौसम विज्ञान विभाग देहरादून ने पौड़ी गढ़वाल में भारी वर्षा एवं आकाशीय बिजली की संभावना जताई है. वहीं, भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी , अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है.
जिलाधिकारी ने कहा कि Saturday यानी 5 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक संचालित जनपद के सभी शैक्षणिक संस्थानों एवं समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा.
उन्होंने बताया कि संभावित भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा नदी-नालों एवं गदेरों में तेज जलप्रवाह की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है.
उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएं तथा मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
वहीं, आईएमडी के Bhopal स्थित केंद्र ने Friday को Madhya Pradesh के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ मध्यम दर्जे की आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की.
इन जिलों में श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, ग्वालियर, गुना और अशोक नगर शामिल हैं. आगर मालवा, शाजापुर, राजगढ़, उज्जैन, महाकालेश्वर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, निवाड़ी, टीकमगढ़, देवास और इंदौर जिलों में हल्की आंधी और बिजली के साथ मध्यम बारिश की संभावना है.
इन इलाकों में बारिश की तीव्रता 5-15 मिमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, साथ ही बादलों से जमीन पर बिजली गिरने की संभावना 30-60 प्रतिशत है.
सीहोर, विदिशा, Bhopal , सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, बैतूल, सिंगरौली, सीधी और छतरपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जिसमें बारिश की तीव्रता 5 मिमी प्रति घंटा से कम और बिजली गिरने की संभावना 30 प्रतिशत से कम रहेगी.
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि बहुत भारी बारिश के कारण जलजमाव, यातायात में रुकावट, कमजोर ढांचों को नुकसान और बिजली आपूर्ति व संचार नेटवर्क पर अस्थायी असर पड़ सकता है. भारी बारिश वाले इलाकों में भी इसी तरह की रुकावटें कम स्तर पर हो सकती हैं.
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एमएस/
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