उत्तराखंड चुनाव 2027: 2022 में रुद्रप्रयाग जिले की दोनों सीटों पर भाजपा ने जमाया था कब्जा

देहरादून, 1 नवंबर . उत्तराखंड में 2027 को लेकर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं. Political दलों की ओर से भी चुनाव की तैयारियां की जा रही हैं. भाजपा एक बार फिर चुनाव जीतने के लिए रणनीति बना रही है तो वहीं कांग्रेस फिर से Government में वापसी की योजना पर काम कर रही है. रुद्रप्रयाग जिले के दो विधानसभा सीटों (रुद्रप्रयाग और केदारनाथ) की स्थिति जानने के लिए पिछले चुनाव परिणाम पर नजर डालना आवश्यक हो जाता है.

रुद्रप्रयाग: राज्य गठन के बाद से इस सीट पर ज्यादातर भाजपा का कब्जा रहा है. अब तक हुए पांच चुनावों में चार बार भाजपा तो सिर्फ एक बार कांग्रेस ने यहां से जीत दर्ज की है. पिछली बार भी इस सीट को भाजपा ने जीती है. लगातार दो बार (2017, 2022) से भाजपा के भरत सिंह चौधरी इस सीट से विजयी रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के प्रदीप थपलियाल को 9,802 वोटों से हराया था. भाजपा के भरत सिंह चौधरी को 29,660 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के उम्मीदवार थपलियाल को 19,858 वोट मिले थे.

रुद्रप्रयाग से जीतकर विधानसभा पहुंचे भरत सिंह चौधरी वर्तमान में उत्तराखंड Government में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आदि विभाग हैं. रुद्रप्रयाग में करीब 92 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण हैं. यह सीट हिंदू बाहुल्य खासकर ठाकुर (राजपूत) बाहुल्य मानी जाती है. यह तकरीबन 54 प्रतिशत राजपूत, 28 प्रतिशत ब्राह्मण और तकरीबन 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति (एससी) व अन्य मतदाता है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यहां Political सरगर्मी बनी हुई है. हाल ही में कांग्रेस के पुराने नेता ग्यालू लाल ने 35 वर्ष बाद पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है.

केदारनाथ: यह सीट सबसे चर्चित सीटों में से एक है. इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. केदारनाथ धाम, चार धामों में से एक है. यही वजह है कि इस सीट पर स्थानीय विकास के मुद्दों तक सीमित नहीं रहते बल्कि हिंदू आस्था और धार्मिक भावनाओं का भी बड़ा असर होता है. 2022 के चुनाव में भाजपा की शैला रानी रावत ने इस सीट से जीत दर्ज की थी. उनके निधन के बाद 2024 में हुए उपचुनाव में भाजपा की आशा नौटियाल ने कांग्रेस उम्मीदवार मनोज रावत को 5,622 वोटों से हराया था.

केदारनाथ सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को 23,814 वोट मिले थे. वहीं दूसरे नंबर पर रहे मनोज रावत को 18,192 वोट मिले थे. इस सीट पर राजपूत मतदाताओं की संख्या बड़ी है. इसके बाद ओबीसी और अनुसूचित जाति और जनजाति मतदाता भी अच्छे तादाद में हैं. इस सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है. राज्य गठन के बाद अब तक भाजपा चार बार इस सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है जबकि कांग्रेस को सिर्फ दो बार ही जीत मिली है.

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एसडी/पीएम