उत्तराखंड चुनाव 2027: 2022 में टिहरी गढ़वाल की पांच सीटों पर भाजपा का कब्जा, एक सीट पर कांग्रेस को मिली थी जीत

देहरादून, 1 नवंबर . उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. Political दलों की ओर से भी कमर कसी जा रही है. अगर राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले की छह विधानसभा सीटों, घनसाली (सुरक्षित), देवप्रयाग, प्रतापनगर, नरेंद्रनगर, टिहरी और धनोल्टी, की स्थिति को देखें तो यहां 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार प्रदर्शन किया था.

घनसाली (सुरक्षित) :- 2022 में इस सीट पर भाजपा के शक्ति लाल शाह ने कांग्रेस के धनी लाल शाह को 10,285 वोटों से हराया था. भाजपा उम्मीदवार शक्ति लाल शाह को 20,949 वोट मिले थे. वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी धनी लाल शाह को 10,664 वोट मिले थे. इस सीट पर भाजपा की स्थिति काफी अच्छी लग रही है. यहां बीते 15 वर्षों से भाजपा का कब्जा है.

देवप्रयाग :- पिछली बार इस सीट पर भाजपा के विनोद कंडारी ने उत्तराखंड क्रांति दल के उम्मीदवार दिवाकर भट्ट को 2,588 वोटों से हराया था. भाजपा के विनोद कंडारी को 17,330 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे उत्तराखंड क्रांति दल के दिवाकर भट्ट को 14,742 वोट मिले थे. इस सीट पर तीसरे नंबर पर कांग्रेस के मंत्री प्रसाद नैथानी थे. उन्हें 13,585 वोट मिले थे. यह राज्य की सबसे दिलचस्प, अप्रत्याशित और Political रूप से जागरूक सीटों में से एक मानी जाती है. इस सीट पर बीते दो विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत हुई है.

प्रतापनगर :- पिछली बार इस सीट को कांग्रेस ने जीती थी. यहां का Political समीकरण बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक रूप से बदलाव वाला रहा है. यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होता आया है. कांग्रेस के विक्रम सिंह नेगी ने भाजपा के विजय सिंह पंवार उर्फ गुड्डू भाई को 2,341 वोटों से हराया था. विक्रम सिंह नेगी को 19,131 वोट मिले थे. वहीं, दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के उम्मीदवार विजय सिंह पंवार को 16,790 वोट मिले थे. यहां के मतदाता किसी उम्मीदवार का चेहरा नहीं देखते, बल्कि व्यक्तिगत संघर्ष, स्थानीय पकड़ और सामाजिक समीकरण भी मायने रखते हैं.

नरेंद्रनगर :- इस सीट पर भाजपा का कब्जा है. यहां से 2022 में भाजपा के सुबोध उनियाल ने कांग्रेस के ओम गोपाल को 1,798 वोटों से हराया था. सुबोध उनियाल को 27,430 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के ओम गोपाल को 25,632 वोट मिले थे. यह सूबे की सबसे हाई प्रोफाइल और दिलचस्प सीटों में से एक है. इस सीट पर ग्रामीण मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं.

टिहरी :- पिछली बार यहां से भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई थी. भाजपा के किशोर उपाध्याय ने उत्तराखंड जन-एकता पार्टी के प्रत्याशी दिनेश धन्ना को 951 वोटों से हराया था. किशोर उपाध्याय को 19,802 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे उत्तराखंड जन-एकता पार्टी के दिनेश धन्ना को 18,851 मत मिले थे. तीसरे नंबर पर कांग्रेस के धन सिंह नेगी थे. उन्हें 6,385 वोट मिले थे. इस सीट पर सीधा मुकाबला न होकर त्रिकोणीय रहता है. यहां सिर्फ पार्टी का सिंबल ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि, स्थानीय क्षेत्र से जुड़ाव और जनता के सुख-दुख में भागीदारी ज्यादा मायने रखती है.

धनोल्टी :- पिछली बार यहां भाजपा ने कब्जा किया था. भाजपा उम्मीदवार प्रीतम सिंह पंवार ने कांग्रेस के जोत सिंह बिष्ट को 4,684 वोटों के अंतर से हराया था. प्रीतम सिंह पंवार को 22,827 वोट मिले थे. वहीं, दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के जोत सिंह को 18,143 वोट मिले थे. राज्य गठन के बाद से यहां ज्यादातर भाजपा का कब्जा रहा है. 2002 के बाद से अब तक हुए पांच चुनावों में चार बार भाजपा जीती है, जबकि एक बार 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई थी.

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एसडी/एबीएम