
New Delhi, 4 नवंबर . देवभूमि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां Political दलों ने शुरू कर दी हैं. हिंदुओं की आस्था के केंद्र हरिद्वार में भी सियासी हलचल शुरू हो गई है. यह जिला राज्य की सत्ता की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है. जिले में हरिद्वार, भेल रानीपुर, ज्वालापुर (सुरक्षित), भगवानपुर (सुरक्षित), झबरेड़ा (सुरक्षित), पिरान कलियर, रुड़की, खानपुर, मंगलौर, लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीटें हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के 3, कांग्रेस के 5, बसपा के 2 और 1 निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे.
हालांकि, उपचुनाव में मंगलौर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत हासिल की. वर्तमान में जिले में कांग्रेस के 6 विधायक हैं.
हरिद्वार विधानसभा सीट पर 2002 से लगातार भाजपा का कब्जा है. भाजपा से मदन कौशिक लगातार पांच बार से विधायक हैं. 2022 के चुनाव में मदन कौशिक ने कांग्रेस उम्मीदवार सतपाल ब्रह्मचारी को 15,237 वोटों से हराया था. मदन कौशिक को 53,147, सतपाल ब्रह्मचारी को 37,910, बसपा उम्मीदवार चरण सिंह को 2,142 और ‘आप’ उम्मीदवार संजय सैनी को 1,248 वोट मिले थे. इस विधानसभा क्षेत्र में 64.23 फीसदी मतदान हुआ था.
भेल रानीपुर विधानसभा सीट से भी भाजपा उम्मीदवार आदेश चौहान लगातार तीन बार से विधायक हैं. 2022 विधानसभा चुनाव में आदेश चौहान ने 57,544 वोट पाकर कांग्रेस उम्मीदवार राजबीर सिंह चौहान को 13,862 वोटों से हराया था. राजबीर सिंह चौहान को 43,682, बसपा उम्मीदवार ओमपाल सिंह को 5,880, ‘आप’ उम्मीदवार प्रशांत राय को 3,355 और एएसपी (केआर) उम्मीदवार प्रवीण सूर्या को 1,480 वोट मिले थे. इस विधानसभा क्षेत्र में 69.32 फीसदी मतदान हुआ था.
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित ज्वालापुर सीट 2022 के चुनाव में भाजपा के हाथों से निकल गई थी. इस सीट से 2012 और 2017 में भाजपा उम्मीदवार विजयी हुए थे. वहीं, 2022 के चुनाव में कांग्रेस से रवि बहादुर ने भाजपा उम्मीदवार सुरेश राठौड़ को 13,343 वोटों से हराया था. रवि बहादुर को 42,372, सुरेश राठौड़ को 29,029 और बसपा उम्मीदवार शीशपाल सिंह को 14,760 वोट मिले थे. इस विधानसभा के 92,757 (79.30 फीसदी) मतदाताओं ने मतदान किया था.
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित भगवानपुर सीट पर 2015 में हुए उपचुनाव से कांग्रेस का कब्जा है. भगवानपुर (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर वर्ष 2015 में विधायक सुरेंद्र राकेश के निधन के कारण उपचुनाव हुआ था. इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ममता राकेश विधायक बनी थीं. 2022 के चुनाव में भी कांग्रेस के टिकट पर ममता राकेश ने बसपा उम्मीदवार सुबोध राकेश को 4,811 वोटों से हराया था. भाजपा उम्मीदवार सत्यपाल सिंह 12,067 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. ममता राकेश को 44,808 और सुबोध राकेश को 39,997 वोट मिले थे. इस सीट पर 79.91 फीसदी मतदान हुआ था.
झबरेड़ा (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2022 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस उम्मीदवार वीरेंद्र कुमार ने भाजपा उम्मीदवार राजपाल सिंह को 8,216 से हराया था. बसपा उम्मीदवार आदित्य को 22,458 वोट मिले थे. यहां 78.40 फीसदी मतदान हुआ था.
पिरान कलियर विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार से कांग्रेस का कब्जा है. कांग्रेस उम्मीदवार फुरकान अहमद 2012 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं. 2022 विधानसभा चुनाव में फुरकान अहमद ने भाजपा उम्मीदवार मुनीश कुमार सैनी को 15,743 वोटों से हराया था. फुरकान अहमद को 43,539, मुनीश कुमार सैनी को 27,796, बसपा उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह को 11,716 और एएसपी (केआर) के अब्दुल वाहिद को 11,441 वोट मिले थे. इस विधानसभा में 77.47 फीसदी मतदान हुआ था.
रुड़की विधानसभा सीट से लगातार तीन बार से प्रदीप बत्रा विधायक हैं. 2012 में कांग्रेस के टिकट पर प्रदीप बत्रा विधायक चुने गए थे. इसके बाद 2017 में भाजपा में शामिल हो गए और विधायक चुने गए. 2022 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2022 में प्रदीप बत्रा को 36,986 और कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल राणा को 34,709 वोट मिले थे. जीत-हार का अंतर सिर्फ 2,277 वोटों का था. इस चुनाव में बसपा उम्मीदवार तनवीर अहमद को 2,932 और आप उम्मीदवार नरेश कुमार को 753 वोट मिले थे.
खानपुर विधानसभा सीट से 2022 विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार उमेश कुमार को जीत मिली थी. उमेश कुमार ने अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले 28 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा दे दिया. 2022 के चुनाव में उमेश कुमार ने बसपा उम्मीदवार रविंद्र सिंह को 6,852 वोटों से हराया था. उमेश कुमार को 38,767, रविंद्र सिंह को 31,915, भाजपा उम्मीदवार रानी देवयानी को 30,834 और कांग्रेस उम्मीदवार सुभाष सिंह चौधरी को 6,289 वोट मिले थे. इस सीट पर 76.65 फीसदी मतदान हुआ था.
बहुजन समाज पार्टी की गढ़ मानी जाने वाली मंगलौर विधानसभा सीट पर 2022 में बसपा उम्मीदवार सरवत करीम अंसारी ने जीत हासिल की थी. सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद 2024 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने जीत हासिल की. उपचुनाव में काजी मुहम्मद निजामुद्दीन को 31,727, भाजपा उम्मीदवार करतार सिंह भडाना को 31,305 और सरवत करीम अंसारी के बेटे ओबेदुर रहमान को 19,559 वोट मिले थे.
लक्सर विधानसभा सीट से 2022 में बसपा उम्मीदवार शहजाद ने जीत हासिल की थी. शहजाद ने तत्कालीन विधायक भाजपा उम्मीदवार संजय गुप्ता को 10,440 वोटों से हराया था. शहजाद को 34,899, संजय गुप्ता को 24,459 और कांग्रेस उम्मीदवार अंतरिक्ष सैनी को 11,584 वोट मिले थे. इस विधानसभा में 79.51 फीसदी मतदान हुआ था.
हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट पर 2022 में कांग्रेस ने कब्जा जमाया था. कांग्रेस उम्मीदवार अनुपमा रावत ने तत्कालीन भाजपा विधायक यतीश्वरानंद को 4,472 वोटों से हराया था. अनुपमा रावत को 50,028, यतीश्वरानंद को 45,556 और बसपा उम्मीदवार मुहम्मद यूनुस को 4,547 वोट मिले थे. इस सीट पर जिले में सबसे अधिक 81.95 फीसदी मतदान हुआ था.
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ओपी/एबीएम
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