उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: मौके पर स्थिति सामान्य, प्रशासन ने लोगों से की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

उज्जैन, 28 सितंबर . Madhya Pradesh के उज्जैन में गोपाल मंदिर छतरी चौक स्थित शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर Monday को Police और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई. इलाके में भारी Police बल तैनात है. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य है और स्थानीय लोग स्वयं चौड़ीकरण के कार्य में शामिल हैं.

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा, “सिहस्थ 2028 के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें सभी का सहयोग मिल रहा है. चाहे कोई व्यक्ति हो, कोई खास धर्म हो या कोई खास समुदाय, हर कोई इन विकास कार्यों में योगदान दे रहा है.”

उज्जैन के गोपाल मंदिर छतरी चौक स्थित शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कहा, “यह इलाका भी चौड़ीकरण में शामिल है. धर्मजन और समाज के लोग खुद चौड़ीकरण के कार्य में जुटे हैं.”

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दे. उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यहां चौड़ीकरण का कार्य धार्मिक गुरुओं और समाज लोगों की तरफ से स्वत: किया जा रहा है.”

इसी बीच, पता चला है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही मस्जिद के विवादित हिस्से को हटाना शुरू कर दिया. गिराए जाने के लिए चिह्नित हिस्से की लंबाई लगभग 9 फीट और चौड़ाई 4 फीट है.

यह विवाद सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम से शुरू हुआ है. अधिकारी कांथल स्क्वायर से गोपाल मंदिर तक 900 मीटर के हिस्से को 15 मीटर तक चौड़ा कर रहे हैं, ताकि तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के लिए ट्रैफिक आसान हो सके. अब तक कई धर्मस्थल तोड़े जा चुके हैं.

बीते दो दिन से मस्जिद तोड़ने को लेकर मुस्लिम समाज लगातार विरोध कर रहा था. बीती रात जेसीबी पोकलैंड मशीन के साथ भारी Police बल पहुंचा तो मुस्लिम समाज सड़कों पर आ गया था. रातभर चले विरोध के बाद भारी Police बल की तैनाती रही. आपसी सहमति के बाद भीड़ वापस घर लौट गई. हालांकि, Monday सुबह फिर से तनावपूर्ण हालात बने.

Monday को उज्जैन में शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को गिराने के विरोध के बीच Police पर फिर से पत्थरबाजी हुई. हालात को काबू में करने के लिए Police ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी. सुबह भी पत्थरबाजी और आंसू गैस के इस्तेमाल की ऐसी ही घटनाएं हुई थीं, जिनमें एक महिला स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) घायल हो गई थीं.

Police ने इस हंगामे के सिलसिले में 10 लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की है. इनमें से पांच social media इन्फ्लुएंसर हैं, जिन पर हालात भड़काने का आरोप है. उनकी गिरफ्तारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, Police सूत्रों ने बताया कि इलाके के बाहर के पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.

वहीं, इस मामले से जुड़ी सुनवाई Monday को Madhya Pradesh हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के सामने होनी है.

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डीसी डीसीएच/