उच्चायुक्त नागेश सिंह ने विपक्ष के उप नेता एंड्रयू हैस्टी से की मुलाकात, भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी पर हुई अहम चर्चा

कैनबरा, 7 सितंबर . ऑस्ट्रेलिया में India के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने Monday को ऑस्ट्रेलिया की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में विपक्ष के उप-नेता और उद्योग व संप्रभु क्षमता के शैडो मिनिस्टर एंड्रयू हैस्टी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई.

ऑस्ट्रेलिया स्थित भारतीय उच्चायोग ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में ल‍िखा, “भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को और मजबूत बनाने और सहयोग के नए अवसरों की तलाश पर एक उपयोगी और सकारात्मक चर्चा हुई.”

इससे पहले 25 अप्रैल को नागेश सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व Prime Minister स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की थी, जिसमें दोनों नेताओं ने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी. बैठक के दौरान मॉरिसन ने Prime Minister Narendra Modi के साथ अपनी घनिष्ठ और मित्रतापूर्ण रिश्तों को याद किया.

भारतीय मिशन ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर लिखा, “India के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व Prime Minister माननीय स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की. Prime Minister Narendra Modi के साथ अपनी गर्मजोशी भरी दोस्ती को याद करते हुए दोनों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की मजबूती और दोनों देशों के स्थायी संबंधों पर चर्चा की.”

जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान Prime Minister मोदी ने मेलबर्न में स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई उल्लेखनीय प्रगति पर चर्चा की थी.

अपनी यात्रा के दौरान Prime Minister मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के Prime Minister एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. उन्होंने गवर्नर-जनरल सैम मॉस्टिन, विक्टोरिया की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर से भी मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम में हिस्सा लिया और मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया.

Prime Minister मोदी और अल्बनीज ने तीसरे ऑस्ट्रेलिया-India वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया. इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, लोगों की आवाजाही, विज्ञान और नवाचार, संस्कृति, खेल और आपसी जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की.

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए और एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्‍स’ पर बताया, “शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा (जिसमें परमाणु ऊर्जा भी शामिल है), महत्वपूर्ण तकनीक, शिक्षा और कौशल विकास सहित कई क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप दिया गया.”

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एवाई/पीएम