उकसावे वाली कार्रवाई और तनाव बढ़ाने से और खराब होगी यूक्रेन की स्‍थ‍ित‍ि : पुत‍िन

मॉस्को, 26 सितंबर . रूस के President व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि तनाव बढ़ाने से यूक्रेन को कोई नतीजा नहीं मिलने वाला, बल्‍क‍ि इससे स्थिति और खराब हो सकती है.

पुतिन ने Friday को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “उन्हें समझना चाहिए कि उकसावे वाली किसी भी कार्रवाई या तनाव बढ़ाने से उन्हें वह नतीजा नहीं मिलेगा, जो वे चाहते हैं. ऐसे कदमों से उनकी स्थिति और खराब ही होगी.”

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि रूस की सैन्य जवाबी कार्रवाई के बाद कीव ने कई क्षेत्रों में युद्धविराम की व्यवस्था की मांग की है. इनमें ऊर्जा सुविधाओं पर हमले और हवाई हमले रोकने जैसे मुद्दे शामिल हैं.

पुतिन ने कहा कि रूस ने उन कार्रवाइयों का जवाब देना शुरू कर दिया है, जिन्हें वह यूक्रेन की ओर से उठाए गए कदम बताता है. इनमें कथित तौर पर समुद्री नाकेबंदी की कोशिश और भंडारण केंद्रों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि रूस के आकलन के मुताबिक, यूक्रेन ने काला सागर में 100 से ज्यादा जहाजों को नुकसान पहुंचाया है.

इस महीने की शुरुआत में मॉस्को ने कहा था कि रूस के तेल और गैस निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से न तो अमेरिका के साथ उसके रिश्ते दोबारा बेहतर होंगे और न ही इससे यूक्रेन के साथ शांति स्थापित होगी.

अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे कानून बना दिया है. इस कानून में रूस के ऊर्जा और रक्षा उद्योगों के साथ-साथ तेल ले जाने वाले उसके तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ टैंकरों को निशाना बनाया गया है.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस ने काफी हद तक इन प्रतिबंधों के मुताबिक खुद को ढाल लिया है और उनके असर को कम करने के तरीके तलाश लिए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के व्यापारिक साझेदार ऐसे प्रतिबंधों का विरोध करते हैं.

इससे पहले दिन में यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि President ट्रंप उनके साथ न्यूयॉर्क में मुलाकात करने पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर शांति की दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है.

ट्रंप से बातचीत के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हम न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमत हुए हैं और यह मुलाकात बहुत कुछ बदल सकती है. कूटनीतिक कोशिशों ने रफ्तार पकड़ी है.”

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एवाई/एएस