‘ईवीएम और बैलेट की चिंता छोड़ें, आत्मचिंतन शुरू करें’, भोपाल में आयोजित पदयात्रा में जेपी नड्डा का विपक्ष पर निशाना

Bhopal , 4 नवंबर . भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा Wednesday को Madhya Pradesh की राजधानी Bhopal में निकाली गई. इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शामिल हुए.

पदयात्रा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “जिस तरह से गैरजिम्मेदाराना व्यवहार विपक्ष की ओर से किया जा रहा है, यह देश में अस्थिरता पैदा करने और देश की संस्थाओं के प्रति बने विश्वास को अस्थिर करने की कोशिश है. इस देश को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, जहां के लोगों की रगों में प्रजातंत्र का खून दौड़ता है और जहां वर्षों की मेहनत से India के चुनाव आयोग ने दुनिया में पहचान बनाई है. उसे तार-तार करने का कुत्सित प्रयास कांग्रेस कर रही है, क्योंकि कांग्रेस को लोगों का समर्थन नहीं मिल रहा है.”

जेपी नड्डा ने कहा, “कांग्रेस के लोग समझ चुके हैं कि आने वाले 20-30 वर्षों में जनता उसे मौका नहीं देने वाली है, इसलिए चुनाव आयोग पर दोष मढ़ा जा रहा है. कर्नाटक और Himachal Pradesh में कांग्रेस की जीत होती है तो वे पहलवान और जब चुनाव हारें तो आयोग बेईमान. उनकी ओर से इस तरह की सोच बनाने की कोशिश की जा रही है. दुनिया में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए मतदाताओं को खुद चुनाव आयोग के ऑफिस जाना पड़ता है, लेकिन India में चुनाव आयोग बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों का वोट बनाता है.”

Union Minister ने कहा, “मैं बताना चाहता हूं कि आजकल कांग्रेस और राहुल गांधी लोकतंत्र के बड़े रक्षक बनने लगे हैं. किस मुंह से वे लोकतंत्र की रक्षा करने वाले हैं. सबको पता है कि आपातकाल के दौरान 1 लाख 30 हजार लोगों को मीसा और डीआईआर में 22 महीने तक बिना दलील के जेल में कांग्रेस के लोगों ने डाला था. मैं तो आपातकाल का भुक्तभोगी हूं. मुझे दो बार क्लास से पकड़कर Police ले गई थी. पूरे परिवार के लोग जेल में डाल दिए गए थे. ऐसी स्थिति को हम लोगों ने देखा है.”

नड्डा ने कहा, “चुनाव आयोग ने चुनौती दी थी कि ईवीएम को कोई हैक करके दिखाए. वे लोग क्यों नहीं आए? मेरा कहना है कि इनको बैलेट पेपर की चिंता हो रही है. हाल ही में 28 एमएलसी के चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए. कांग्रेस यूपी और बिहार में जीरो पर थी. Maharashtra में दूसरों के समर्थन से एक सीट आई और कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की Government है, 4 में जीरो सीट आई. इनकी ऐसी स्थिति हो गई है. मेरी ओर से राहुल गांधी को एक सलाह है कि वे ईवीएम और बैलेट की चिंता छोड़ें और आत्मचिंतन शुरू करें. उनको अपने अंदर झांककर देखना चाहिए.”

Union Minister ने आगे कहा, “राजनीति करने के लिए देश की जनता के दिल में बसना पड़ता है. हम सभी को पता है कि Supreme Court की ओर से भी एसआईआर को सही ठहराया गया है. एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है. यह 12वीं बार हो रहा है. 10 बार कांग्रेस की Government के दौरान हुआ. दो बार हमारे समय में हुआ. एक बार अटल बिहारी वाजपेयी जी की Government के समय हुआ और एक बार अब पीएम मोदी के समय में किया जा रहा है. इसमें 10 लाख 24 हजार बीएलओ लगाए गए. इन लोगों ने 96 करोड़ की जनता को कवर किया. ये लोग घर-घर गए हैं.”

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एसडी/एबीएम