‘ईरान के हमले में सिर्फ अमेरिकी ठिकाने, नागरिक क्षेत्र नहीं’, इस्‍माइल बाघेई ने आईटीयू को सौंपे दस्‍तावेज का द‍िया हवाला

New Delhi, 4 सितंबर . ईरान के व‍िदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता इस्‍माइल बाघेई ने कतर Government की ओर से आईटीयू (अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ) को सौंपे गए दस्‍तावेज का हवाला देते हुए ईरान की ओर कतर की जमीन पर क‍िए हमलों का बचाव क‍िया.

उन्‍होंने कहा क‍ि दस्‍तावेज में यह पूरी तरह स्‍पष्‍ट है क‍ि ईरान की ओर क‍िए गए हमलों में क‍िसी भी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया. यह हमले पूरी तरह से अमेर‍िकी सैन्‍य ठ‍िकानों के ख‍िलाफ थे.

ईरान के व‍िदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता इस्‍माइल बाघेई ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया क‍ि कतर Government ने आईटीयू (अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ) को सौंपे गए एक आधिकारिक दस्तावेज में पुष्टि की है कि कतर की जमीन पर तैनात अमेरिकी बलों के खिलाफ ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमले ‘अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे. किसी भी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया था.’

बाघेई ने कहा क‍ि कतर की ओर से लगाया गया एकमात्र आरोप 18 मार्च को एक गैस फैसिलिटी पर हुए हमले को लेकर था. हालांकि, ईरान का कहना है कि उस दिन जिन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था, वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में इस्तेमाल हो रहे थे.

बयान में कहा गया कि यह स्थिति अमेरिका के उस लंबे रिकॉर्ड से बिल्कुल अलग है, जिसमें उस पर स्कूलों, अस्पतालों, रिहायशी इलाकों, शादी समारोहों, पुलों और अन्य नागरिक ठिकानों पर जानबूझकर हमले करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं.

बाघेई ने कहा कि एक ऐसे सभ्य देश में, जिसने सबसे कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक और मानवीय सिद्धांतों का पालन करने की अहमियत सीखी हो और उन शासकों में जो अपनी शक्ति दिखाने के लिए कानून और नैतिकता के किसी नियम का पालन नहीं करते, बहुत बड़ा अंतर होता है. यही अंतर यह तय करता है कि कोई देश संघर्ष और संकट के समय कैसे व्यवहार करता है.

संयुक्त राष्ट्र की ओर से अमेरिका और ईरान से बातचीत को फिर से शुरू करने का आग्रह किया गया है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान से कूटनीति के जरिए विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है.

युद्ध के छह महीने बाद अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत पर महासचिव की राय पूछे जाने पर, प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, “यह चल रहे संघर्ष के छह महीने पूरे होने का एक दुखद पड़ाव है. हम फिर से जोर देते हैं कि इसका एकमात्र समाधान कूटनीतिक समाधान है. और हम अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दोनों से सार्थक बातचीत करने का आग्रह करते हैं.”

एवाई/एएस