
वॉशिंगटन, 28 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ किसी बातचीत की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. साथ ही यह भी दावा किया कि ईरान की क्षमताएं काफी सीमित हो गई हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि हालिया टकराव के बाद ईरान गंभीर आर्थिक और सैन्य दबाव का सामना कर रहा है.
उन्होंने कहा, “वे अपने सैनिकों को वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं. वे बहुत बड़ी मुश्किल में हैं.”
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का दोबारा खुल जाना इस बात का संकेत नहीं है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आगे कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि वे बहुत मुश्किल में हैं, उनकी क्षमता बहुत कम रह गई है.
हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित आगे की कार्रवाई के बारे में कोई विवरण नहीं दिया और यह भी नहीं बताया कि किन परिस्थितियों में अमेरिका दोबारा सैन्य कदम उठा सकता है.
ट्रंप ने तेहरान के साथ तुरंत कूटनीतिक बातचीत की संभावना को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बात करने के लिए अभी ज्यादा कुछ नहीं है. हम किसी बैठक की तलाश में नहीं हैं. होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है.
उनकी टिप्पणियों से संकेत मिला कि रणनीतिक समुद्री मार्ग के खुलने के बावजूद वॉशिंगटन फिलहाल बातचीत शुरू करने की कोशिश नहीं कर रहा है. ईरान के साथ अपने संबंधों में ट्रंप पहले भी सैन्य दबाव, आर्थिक प्रतिबंधों और आगे कार्रवाई की चेतावनियों का इस्तेमाल करते रहे हैं. उनकी ताजा टिप्पणियों से लगता है कि अमेरिकी प्रशासन अभी सभी विकल्प खुले रखना चाहता है.
President से पूछा गया कि अगर रूस ईरान के साथ अपने संबंध कम नहीं करता, तो क्या वह मॉस्को के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे.
इस पर ट्रंप ने कहा कि यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. मेरा मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के मामले में रूस ने अब तक काफी अच्छा व्यवहार किया है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या उनका यह आकलन रूस और ईरान के बीच अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर भी लागू होता है.
उन्होंने यह भी नहीं बताया कि रूस ने कौन से कदम उठाए हैं या क्या वॉशिंगटन को इस संबंध में मॉस्को से कोई आश्वासन मिला है.
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति के आवागमन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. President ने होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया, लेकिन यह कहने से बचते रहे कि संकट पूरी तरह समाप्त हो गया है. उन्होंने यह भी नहीं बताया कि किन शर्तों पर अमेरिका ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार होगा. उनकी टिप्पणियां यह दिखाती हैं कि फिलहाल अमेरिकी प्रशासन तत्काल बातचीत के पक्ष में नहीं है.
ट्रंप ने स्पष्ट नहीं किया कि ईरान की किन सैन्य इकाइयों, ठिकानों या क्षमताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसकी शक्ति कम हो गई है.
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एवाई/एएस
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