ईडी ने विजयन, वीना और रियास के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की

तिरुवनंतपुरम, 8 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने Tuesday को राज्य के Police प्रमुख से सीएमआरएल मासिक भुगतान मामले में केरल में विपक्ष के नेता और पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन, बेटी टी. वीना और उनके पति व पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत First Information Report दर्ज करने को कहा.

सीपीआई (एम) के लिए यह समय Political रूप से इससे अधिक नुकसानदेह नहीं हो सकता था. ईडी का डीजीपी रावाडा चंद्रशेखर को भेजा गया पत्र तब सार्वजनिक हुआ, जब पार्टी का शीर्ष राज्य नेतृत्व कोझिकोड में Saturday से शुरू होने वाली तीन दिवसीय विस्तारित राज्य समिति की बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बंद कमरे में बैठक कर रहा था. इस बैठक में लगभग 300 पार्टी नेताओं के सीपीआई (एम) की चौंकाने वाली चुनावी हार पर चर्चा करने की उम्मीद है.

ईडी ने न केवल विजयन के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है बल्कि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में लेनदेन की जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों का विवरण भी डीजीपी को भेजा है और वीना तथा रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है.

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि Police प्रमुख ने उन्हें सूचित किया था कि पत्र उनके कार्यालय में पहुंच गया है. उन्होंने कहा, “मैंने राज्य के Police प्रमुख से बात की. उन्होंने मुझे 10 मिनट पहले बताया कि उन्हें ईडी से पत्र मिला है. अब उन्हें इस मामले को देखना होगा और आगे की कार्रवाई तय करनी होगी. हम उनके कदम उठाने का इंतजार करेंगे.”

डीजीपी ने संकेत दिया है कि पहले पत्र की जांच की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इस जानकारी को राज्य Government को भी भेजे जाने की उम्मीद है और हो सकता है कि Government आगे की कार्रवाई तय करने से पहले कानूनी सलाह ले.

ईडी की यह मांग इसलिए अहम है, क्योंकि सीएमआरएल और वीना की आईटी फर्म, ‘एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस’ के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के कारण राज्य में सीपीआई (एम) के प्रमुख Political परिवार की भी जांच हो रही है.

केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि ये पेमेंट किसी असली सर्विस के बदले नहीं किए गए थे. एजेंसी ने अपनी जांच के दौरान इकट्ठा किए गए बयानों, दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर यह बात कही है.

इस नए घटनाक्रम के कारण यूडीएफ Government को Political रूप से संवेदनशील फैसला लेना पड़ सकता है. अगर विजयन के खिलाफ First Information Report दर्ज करने का कोई कदम उठाया जाता है, तो इससे वह विवाद और बढ़ जाएगा जिसने पूर्व Chief Minister और उनके परिवार को घेरे रखा है. वहीं, अगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो भाजपा यह आरोप लगा सकती है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली Government पूर्व Chief Minister को बचा रही है.

यह घटनाक्रम इसलिए भी खास है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद सीपीआई (एम) अब अंदरूनी आत्म-मंथन के एक अहम दौर से गुजर रही है. कोझिकोड में होने वाली राज्य समिति की विस्तारित बैठक में हार के कारणों, संगठनात्मक कमियों और पार्टी नेतृत्व द्वारा अपनाई गई Political रणनीति पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है.

इसलिए, ईडी से जुड़ी इस घटना के कारण पार्टी की चुनावी हार का विश्लेषण करने की जो कवायद होनी थी, उस पर असर पड़ सकता है. साथ ही, राज्य समिति की विस्तारित बैठक में चर्चा शुरू होने से पहले ही यह घटनाक्रम सीपीआई (एम) नेतृत्व को बचाव की मुद्रा में ला खड़ा करता है.

इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता और भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने कहा कि इस नई घटनाक्रम ने विपक्ष के नेता के तौर पर विजयन के बने रहने पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जॉर्ज ने कहा, “अभी जरूरत इस बात की है कि विजयन यह समझें कि विपक्ष के नेता के पद पर बने रहने का उनके पास कोई नैतिक आधार नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. सीपीआई (एम) में दिग्गज नेता इस पद पर रहे हैं. उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.”

ओपी/पीएम