ईडी ने केरल और चेन्नई में 11 जगहों पर चलाया तलाशी अभियान

तिरुवनंतपुरम, 4 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने Wednesday को केरल और चेन्नई में 11 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया. यह कार्रवाई एक सहकारी समिति और उसके प्रमोटर से जुड़ी जांच के सिलसिले में की गई है.

अधिकारियों ने Wednesday को बताया कि ईडी की केरल इकाई ने ‘India लझना मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ (बीएलएम) के संस्थापक सदस्य और वास्तविक सीएमडी आर. प्रेमकुमार के साथ अन्य लोगों से जुड़े मामले में छापमार कार्रवाई की है.

अधिकारियों ने कहा कि केरल और चेन्नई में 11 जगहों पर तलाशी ले रही है. आरोप है कि आर. प्रेमकुमार और अन्य लोगों ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए, आम जमाकर्ताओं से जुटाई गई सोसाइटी की करोड़ों की रकम को अपने निजी इस्तेमाल के लिए अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिया.

इसके अलावा, उन्होंने सोसाइटी को पैसा मिले बिना ही, सोसाइटी के ‘रागम थिएटर’ को ‘ब्रियोस फिनवेस्ट’ के पास गिरवी रख दिया और कांचीपुरम में अपनी पत्नी के नाम पर लगभग 500 एकड़ जमीन हासिल कर ली. फिलहाल, छापेमारी में बरामदगी और अन्य सबूतों के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.

उधर, केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने Tuesday को एसआईटी को उन आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया, जिनमें कहा गया कि केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) ने नियमों का उल्लंघन कर एक विशेष भर्ती प्रक्रिया के जरिए एसएफआई के एक नेता को Police उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त करने की कोशिश की.

इस पद के लिए 17,392 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2025 थी. लिखित परीक्षा 31 दिसंबर को आयोजित की गई, जिसके बाद 16 मार्च, 2026 को शारीरिक दक्षता परीक्षा हुई. साक्षात्कार 22 अप्रैल को आयोजित किए गए और अंतिम रैंक सूची 6 मई को प्रकाशित की गई.

चेन्निथला ने क्राइम ब्रांच की एसआईटी की प्रमुख अजिता बेगम को ‘सेव यूनिवर्सिटी फोरम’ के अध्यक्ष आरएस शशिकुमार की ओर से दायर शिकायत की जांच करने को कहा. शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह भर्ती प्रक्रिया पीएससी अध्यक्ष एमआर बैजू के नेतृत्व में आगे बढ़ाई गई थी.

पीएससी ने एर्नाकुलम के एसएफआई नेता केजे जिथिन को विशेष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त करने का निर्णय लिया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह कदम पिछली एलडीएफ Government का कार्यकाल समाप्त होने से पहले उनकी नियुक्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया था.

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डीसीएच/