ईडी ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप की 510 करोड़ रुपए की अतिरिक्त संपत्तियां जब्त कीं

New Delhi, 3 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने अनिल अंबानी समूह से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों में कई संपत्तियां जब्त की हैं. इनमें विमान, बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट, अचल संपत्तियां और निवेश शामिल हैं. इन सभी संपत्तियों का कुल मूल्य 510 करोड़ रुपए है. यह जानकारी एजेंसी की ओर से Tuesday को जारी एक बयान में दी गई.

रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के बैंक धोखाधड़ी मामले में 263.05 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की गई हैं, जबकि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक मामले में 247.12 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं.

आरकॉम मामले में जब्त की गई संपत्तियों में दो चार्टर्ड विमान, Maharashtra में जमीन के छह भूखंड और कार्यालय परिसर शामिल हैं. वहीं, आरसीएफएल और आरएचएफएल मामले में तमिलनाडु में दो पवन चक्कियां, बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट, निवेश और प्राप्य राशि जब्त की गई है.

इन नई जब्तियों के साथ ईडी ने अब तक धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत रिलायंस अनिल अंबानी समूह के खिलाफ जांच किए जा रहे विभिन्न मामलों में करीब 23,100 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं.

ईडी ने यह जांच दिल्ली में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), दिल्ली Police की आर्थिक अपराध शाखा और Mumbai Police की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई कई First Information Report के आधार पर शुरू की थी. ईडी ने फेमा के तहत भी दो मामलों की जांच की है. जांच के दायरे में शामिल कंपनियों में मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, मेसर्स रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, मेसर्स रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, मेसर्स रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, मेसर्स रिलायंस पावर लिमिटेड और मेसर्स रिलायंस कैपिटल लिमिटेड शामिल हैं.

बयान के अनुसार, रिलायंस अनिल अंबानी समूह के खिलाफ ईडी की जांच में सामने आया कि समूह बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्राप्त सार्वजनिक धन की हेराफेरी, कॉर्पोरेट संपत्तियों को निजी इस्तेमाल के लिए धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) कानून के दुरुपयोग और India से सार्वजनिक धन को विदेशी टैक्स हेवन में भेजने जैसी गतिविधियों में शामिल था. इस धन के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल प्रवर्तकों और उनके परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया.

ईडी ने इन मामलों में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत अभियोजन की छह शिकायतें दाखिल की हैं. इसके अलावा, फेमा के प्रावधानों के तहत भी एक शिकायत दर्ज की गई है. साथ ही, मामले में आगे की जांच जारी है.

–

एबीएस