
आइजोल, 7 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) के आइजोल सब-जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत म्यांमार मूल की सूखी सुपारी की संगठित सीमा-पार तस्करी से जुड़ी 8.12 करोड़ रुपए की 10 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है.
ईडी की जांच एसीबी, सीबीआई, इंफाल द्वारा दर्ज First Information Report और उसके बाद 29 अगस्त 2025 की चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई थी. सीबीआई की जांच में आरोप लगाया गया था कि फर्जी ई-वे बिल, जाली दस्तावेजों और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करके मिजोरम के रास्ते म्यांमार से India में सूखी सुपारी की बड़े पैमाने पर तस्करी की गई. जांच से पता चला कि लगभग 3,103 एमटी सूखी सुपारी की तस्करी की गई, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 1,022.25 करोड़ रुपए था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 408.90 करोड़ रुपए की बेसिक कस्टम ड्यूटी का नुकसान हुआ.
जांच से पता चला है कि एक संगठित नेटवर्क के तहत म्यांमार/बर्मी आपूर्तिकर्ताओं ने टियाउ नदी और जोखावथर/चम्फाई के आसपास के सीमावर्ती इलाकों से India में सुपारी की तस्करी की. मिजोरम में मौजूद स्थानीय सहयोगियों ने तस्करी की गई सुपारी खरीदी, उनके भंडारण और परिवहन की व्यवस्था की और असम तथा अन्य जगहों पर उन्हें भेजने में मदद की.
जांच में यह भी पता चला कि कस्टम अधिकारियों के सामने पकड़े गए माल के दावेदार/मालिक के तौर पर स्थानीय लोगों का इस्तेमाल किया गया और म्यांमार में मौजूद आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करने के लिए बैंक खातों और मनी एक्सचेंजर्स के माध्यम से बड़ी रकम का लेन-देन किया गया.
इससे पहले, तलाशी की कार्रवाई के दौरान, आरोपी और अन्य लाभार्थियों के विभिन्न बैंक खातों को पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज कर दिया गया था, जिसमें लगभग 1.20 करोड़ रुपए की बैंक बैलेंस राशि पाई गई और फ्रीज की गई.
पीएमएलए के तहत जांच, बैंक खातों की छानबीन और तलाशी के दौरान जब्त की गई सामग्री की जांच से तस्करी की गतिविधियों से हुई कमाई से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन, नकद जमा और निकासी तथा अचल संपत्तियों के अधिग्रहण का पता चला. जांच से पता चला है कि जोसांगपुई, थांगखानमुंगा, जोनसांगा और सांगनीहवेला म्यांमार से तस्करी करके लाए गए सुपारी की खरीद, ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और व्यापार में शामिल थे और इससे उन्हें काफी आर्थिक लाभ हुआ था.
आगे की जांच में ऐसी कमाई से सीधे या परोक्ष रूप से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का पता चला है. अटैच की गई संपत्तियों में बेथेल वेंग, चम्फाई में स्थित ‘होटल जेड’ और उससे जुड़ी जमीन शामिल हैं, जिसकी कीमत लगभग 6.29 करोड़ रुपए आंकी गई है. जांच से पता चला है कि ‘होटल जेड’ का निर्माण म्यांमार से तस्करी की गई और व्यापार की गई सुपारी से हुई कमाई के पैसे से किया गया था.
इसके अनुसार, 4 सितंबर 2026 के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत ईडी ने मिजोरम के चम्फाई और उसके आसपास स्थित ‘होटल जेड’, रिहायशी जमीन और अन्य जमीनों सहित कुल 8,12,74,399 रुपए मूल्य की 10 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. इन संपत्तियों की पहचान अपराध से हुई कमाई के तौर पर की गई है और पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत इन्हें अटैच किया गया है.
इस प्रकार, 8.12 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करने और लगभग 1.20 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस को फ्रीज करने के साथ इस मामले में अपराध से हुई कमाई का कुल मूल्य लगभग 9.33 करोड़ रुपए हो गया है. वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है.
–
डीके/डीकेपी
Skip to content