ईडी अफसरों पर एससी-एसटी मामला : हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन पर लगाया 10 हजार रुपए का जुर्माना

रांची, 1 अक्टूबर . ईडी के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर Thursday को Jharkhand हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान पूर्व Chief Minister हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए छह हफ्ते का समय मांगा गया. कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए उनपर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और जवाब दाखिल हुए चार हफ्ते का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी.

ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हेमंत सोरेन द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई है. इस मामले में हाईकोर्ट पहले भी हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने का निर्देश दे चुका है.

इससे पहले अप्रैल 2026 में हुई सुनवाई के दौरान भी जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था. अदालत ने उस समय भी जुर्माना लगाया था. मामला वर्ष 2024 का है. हेमंत सोरेन ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर ईडी की तलाशी के बाद 31 जनवरी 2024 को रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 29 जनवरी 2024 को उनके दिल्ली स्थित आवास की ईडी अफसरों द्वारा जिस तरह तलाशी ली गई और जिस तरह उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया, वह अपमानजनक है. सोरेन ने कहा था कि वे अनुसूचित जनजाति से आते हैं. ईडी का ऑपरेशन उन्हें और उनके पूरे समुदाय को अपमानित करने वाला है. इस First Information Report पर कार्रवाई करते हुए रांची Police ने सीआरपीसी-41ए के तहत ईडी के आफसरों को नोटिस जारी किया था.

इसके बाद ईडी अफसरों ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी. अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और प्राथमिकी के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर भी राहत मांगी गई थी. हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ Police की ओर से जारी नोटिस और कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य Government से जवाब मांगा था.

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एसएनसी/एसके