ईटानगर : सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर सीएम पेमा खांडू ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, बताया- गलत जानकारी से लोगों में भ्रम

ईटानगर, 25 अक्टूबर . अरुणाचल प्रदेश के बहुचर्चित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर Chief Minister पेमा खांडू ने सक्रियता बढ़ा दी है. Chief Minister ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट की प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) पर सभी दलों के विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की.

Chief Minister खांडू ने पोस्ट में लिखा, “सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट की पीएफआर पर सभी दलों के विधायकों की एक बैठक आयोजित की गई. इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संबंधी चिंताओं और स्थानीय लोगों की चिंताओं पर चर्चा हुई. हमारी प्राथमिकता सियांग घाटी के लोगों के अधिकारों और आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है.”

इस बैठक में प्रोजेक्ट से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई. Government का प्रयास है कि इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर Political आम सहमति बने और सभी दल एक साथ राष्ट्रीय हित और स्थानीय हितों के बीच संतुलन पर काम करें.

एक अन्य पोस्ट में Chief Minister ने इस प्रोजेक्ट को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई. उन्होंने लिखा, “सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर फैली गलत जानकारी और गलत धारणाओं के कारण हमारे लोगों के मन में चिंताएं पैदा हो रही हैं. तथ्यों, पारदर्शिता और खुली बातचीत के जरिए जानकारी की इस कमी को दूर करना बहुत जरूरी है.”

इसी क्रम में Chief Minister ने अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (एआईटीएफ) और कम्युनिटी-बेस्ड ऑर्गेनाइजेशंस (सीबीओ) के साथ भी एक बैठक की. इस बैठक में प्रोजेक्ट पर चर्चा के साथ-साथ पूरे अरुणाचल प्रदेश में जागरूकता फैलाने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने पर बात हुई.

खांडू ने कहा, “हमारे लोगों को सही जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे इस प्रोजेक्ट, इसके रणनीतिक महत्व और इससे जुड़ी चिंताओं को ठीक से समझ सकें.”

बता दें कि सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी पर प्रस्तावित एक बहुत बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट है. यह नदी आगे चलकर असम में ब्रह्मपुत्र बन जाती है. केंद्र Government इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है, क्योंकि चीन अपनी तरफ यारलुंग त्सांगपो नदी पर बड़े बांध बना रहा है.

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एससीएच/एबीएम