
श्रीनगर, 29 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने बारामूला में एक व्यक्ति से धोखाधड़ी के मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. अधिकारियों ने Thursday को बताया कि आरोपियों ने बारामूला जिले में प्रवासियों की संपत्ति की फर्जी बिक्री के जरिए पीड़ित के साथ 1 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की थी.
अधिकारियों के अनुसार, यह चार्जशीट सोपोर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दाखिल की गई. रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. इन धाराओं में धोखाधड़ी, गलत पहचान बताना, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक साजिश शामिल हैं.
अधिकारियों ने बताया कि यह मामला वूसन, गोशबुघ पट्टन में 14 कनाल और 3 मरला जमीन की कथित फर्जी बिक्री से जुड़ा है. यह जमीन जवाहर लाल भट्ट की थी. जांच के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने इस जमीन के लिए 1 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया था, लेकिन न तो उसे जमीन का कब्जा मिला और न ही उसके पैसे वापस किए गए.
जांच में पता चला कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को ठगने के लिए साजिश रची थी. इसके लिए उन्होंने गलत पहचान बताई, फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार किए और एक कथित ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ का गलत इस्तेमाल किया.
आरोपियों की पहचान जम्मू के मुथी स्थित अमित नगर निवासी बृज नाथ, बडगाम के सैमसन निवासी गुलाम मोहिउद्दीन डार, बडगाम के बीरवाह स्थित साचेन बनेट निवासी गुलाम मोहम्मद शेख, पट्टन के मार्गीपोरा निवासी जहूर अहमद डार व रियाज अहमद राथर के रूप में हुई.
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों में से दो (बृजनाथ और गुलाम मोहिउद्दीन डार) को सितंबर के आखिर में गिरफ्तार किया गया था. डार को जमानत मिल गई है, जबकि बृज नाथ अभी भी सेंट्रल जेल में बंद है.
उन्होंने आगे बताया कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ अन्य मामलों की भी जांच चल रही है. ईओडब्ल्यू ने इससे पहले अगस्त 2023 में एक अन्य मामले में बृज नाथ और गुलाम मोहम्मद शेख के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह नई चार्जशीट इन दोनों आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई दूसरी चार्जशीट है.
ईओडब्ल्यू कश्मीर के एसएसपी ने लोगों को सलाह दी कि किसी भी तरह का लेन-देन करने से पहले जमीन के मालिकाना हक के रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें, ताकि धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके.
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डीसीएच/
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