इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन पर एयर इंडिया का कर्मचारी सस्पेंड, सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता: राम मोहन नायडू

New Delhi, 22 सितंबर . केंद्र Government ने India छोड़ने से पहले तीन विदेशी नागरिकों के इमिग्रेशन न पूरा करने के मामले में एयर इंडिया के कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है. यह जानकारी नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने Tuesday को दी.

इस महीने की शुरूआत में सामने आया इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन का यह मामला उन तीन इटैलियन नागरिकों से जुड़ा है, जो India के ‘हब-एंड-स्पोक’ एविएशन मॉडल के तहत दिल्ली होते हुए अमृतसर से म्यूनिख की यात्रा कर रहे थे.

खबरों के मुताबिक, यात्री जरूरी डिपार्चर इमिग्रेशन मंजूरी लिए बिना ही दिल्ली-म्यूनिख उड़ान में सवार हो गए, जिसके बाद नागरिक विमानन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया.

इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए नायडू ने कहा कि जांच में पता चला है कि यात्रियों को एयरपोर्ट के तय रास्तों से ले जाने के लिए जिम्मेदार एयर इंडिया के कर्मचारी तय प्रक्रियाओं का पालन करने में नाकाम रहे. दोषी पाए जाने पर उस कर्मचारी को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया.

Union Minister ने कहा कि हालांकि Government आसान हवाई यात्रा के जरिए यात्रियों की सुविधा बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन एयरपोर्ट की सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद, कनेक्टिंग इंटरनेशनल यात्रियों से जुड़ी ऑपरेशनल प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.

इस चूक के बाद, मंत्रालय ने एयर इंडिया के साथ बातचीत की और यात्रियों की पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों की जांच की. अधिकारी अब एक मल्टी-लेयर्ड वेरिफिकेशन सिस्टम पर काम कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. सिर्फ एक चेकपॉइंट पर निर्भर रहने के बजाय, नए सिस्टम में यात्रा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में कई स्तरों पर जांच शामिल होने की उम्मीद है.

इस समीक्षा में यात्रियों को संभालने के मुख्य पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे बोर्डिंग पास जारी करना, यात्रियों की रूटिंग, एयरपोर्ट के अंदर उन्हें अलग-अलग करना और उनकी आवाजाही, साथ ही डिजीयात्रा सिस्टम की भूमिका. अधिकारी ट्रांसफर पॉइंट्स पर एयरलाइन और ग्राउंड-हैंडलिंग स्टाफ द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का भी मूल्यांकन कर रहे हैं.

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब Government अपने ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल का विस्तार कर रही है, जिसे क्षेत्रीय शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए इंटरनेशनल यात्रा को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

इस सिस्टम के तहत, यात्री दिल्ली जैसे बड़े हब से इंटरनेशनल फ्लाइट लेने से पहले अपने शुरुआती एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन और कस्टम्स की औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं.

यह मॉडल अभी अमृतसर, वाराणसी और Ahmedabad जैसे शहरों में चल रहा है और यह India की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह नॉन-मेट्रो जगहों से कनेक्टिविटी बेहतर करते हुए एक ग्लोबल एविएशन हब के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है.

एबीएस