
तेल अवीव, 29 अक्टूबर . इजरायल Police ने Thursday को लिकुड दल के अरब पार्टियों पर लगाए ‘चुनाव चोरी’ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. पार्टी ने धांधली का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग उठाई थी.
‘द यरूशलम पोस्ट’ के अनुसार, एक बयान जारी कर Police ने अपनी बात रखी. कहा, “मतदान के दिन चुनावी निष्पक्षता से जुड़ी कुछ असामान्य घटनाएं हुईं, लेकिन पिछली बार के चुनावों की तुलना में इनकी संख्या काफी कम थी. इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि इन दावों के समर्थन में कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं हैं.”
Wednesday को, सेंट्रल इलेक्शन कमिटी (सीईसी) के एक अधिकारी ने भी धोखाधड़ी के इन दावों को खारिज कर दिया था.
अभी वोटों की गिनती चल रही है, लेकिन Tuesday को हुए चुनाव में अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीत ली हैं. इस चुनाव में अरब समुदाय की ओर से रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला.
Thursday सुबह तक आधिकारिक मतगणना 91% तक पहुंच गई थी. इसमें केवल ‘डबल-लिफाफे’ वाले मतपत्र शामिल नहीं थे, जिनकी गिनती पूरी रात चलने वाली थी.
केंद्रीय चुनाव समिति ने Wednesday शाम को बताया था कि Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू का गुट अपनी बढ़त बनाए हुए है और अगली नेसेट (संसद) में उसे 53 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि विपक्षी गुट को 48 सीटें मिलने की संभावना है.
Wednesday को ही Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया था कि इजरायली चुनाव को अरब पार्टियों ने “चुरा” लिया. कड़े मुकाबले वाले इस चुनाव के बाद, न तो उनके Political गुट को और न ही मुख्य विपक्षी दल को संसद में बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त सीटें मिल पाई.
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने एक बयान जारी कर चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया. साथ ही, उन्होंने अरब-पार्टियों पर इजरायल को कमजोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया.
लिकुड पार्टी ने कहा, “इजरायल के चुनावों को अरब पार्टियों ने हथिया लिया है. ये पार्टियां आतंकवाद का समर्थन करती हैं और यहूदी राज्य को खत्म करना चाहती हैं. इन्होंने रिश्वतखोरी, धमकियों, हिंसा, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आपराधिक कृत्य किए हैं और मतदाताओं को जुटाने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है.”
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केआर/
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