इजरायल के महावाणिज्यदूत ने मोहन भागवत से की मुलाकात, भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

नागपुर, 21 अक्टूबर . India के मध्य-पश्चिम क्षेत्र में इजरायल के महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने Wednesday को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 101वें विजयादशमी समारोह के दौरान संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत से मुलाकात की.

महावाणिज्यदूत ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि India और इजरायल के बीच मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंधों को लेकर दोनों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ. चर्चा में दोनों देशों के बीच संस्थागत स्तर पर सहयोग बढ़ाने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया.

उन्होंने बताया कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने डॉ. मोहन भागवत को दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच साझेदारी की याद दिलाने वाला एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया.

महावाणिज्यदूत ने कहा कि India और इजरायल को गलत सूचनाओं, विरोधी विमर्श और चरमपंथ जैसी साझा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इन चुनौतियों के बीच दोनों देशों को मजबूती से खड़े रहने और अपनी संस्कृति, इतिहास तथा परंपराओं से जुड़े रहने की जरूरत है.

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दुनिया के सामने अपनी कहानियों को स्वयं प्रस्तुत करना भी महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक, India और इजरायल के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए संस्थागत सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना भी जरूरी है.

बता दें कि इससे पहले इजरायल के महावाणिज्यदूत (मध्य पश्चिम भारत) याविन रेवाच ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को सलाम किया था. उन्होंने से बात करते हुए बताया था क‍ि आज Mumbai में बिलबोर्ड लगाकर कैप्टन स्मित के साहस के ल‍िए उन्हें सम्मान द‍िया गया.

उन्‍होंने कहा था क‍ि गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन ने इजरायली यात्रियों की जान बचाई और हाईजैक की कोशिश को नाकाम किया. मुझे लगता है कि उनकी बहादुरी के लिए उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना चाह‍िए.

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डीएससी