इंदौर में गरबा पर सियासत तेज, भाजपा विधायक उषा ठाकुर बोलीं- ‘गरबा प्रोफेशनल नहीं, शक्ति आराधना का पर्व’

इंदौर, 22 सितंबर . Madhya Pradesh के इंदौर में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने गरबा को लेकर हिंदू संगठनों की मांग का समर्थन किया है.

उषा ठाकुर ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “गरबा कभी प्रोफेशनल होना ही नहीं चाहिए. गरबा देवी मां की शक्ति की आराधना का पर्व है. सनातनी समाज शास्त्र और शस्त्र का अध्ययन करें, अपने व्यक्तित्व का माता-बहनें सर्वांगीण विकास करें. धर्म, संस्कृति, राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार हों.”

उन्होंने कहा कि इस बार कई हिंदू संगठनों ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और आयोजनों में सख्ती की मांग की है, जो सही भी है. गैर हिंदु संगठन वहां आकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं.

उषा ठाकुर ने कहा, “हमारी पार्षद बहन संध्या यादव बचपन से ही उनकी गोद में पली-बढ़ी हैं. वह उनकी बेटी जैसी हैं. हो सकता है कि उन्होंने स्नेहवश ऐसा कहा हो, शायद अपनी बहन को सेहत का ध्यान रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी हो. कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए उन्हें हमें यह बताने की जरूरत नहीं है कि हमारे घर में क्या हो रहा है.”

वहीं, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता संतोष शर्मा ने भी सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि इस बार हम लोग पूरी तरह से तैयार हैं. अगर नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में कोई व्यक्ति आकर गलत काम करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पहले तो गलती समझकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन इस बार हम लोग छोड़ने वाले नहीं हैं, इसीलिए कोई भी आने से पहले सोचकर आए.

वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा पर पलटवार किया है. कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि लोग जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई करना बंद कर दें, इससे कुछ नहीं होने वाला है. भाजपा के लोग एक दूसरे को लड़ाने के लिए कुछ न कुछ बयान देते रहते हैं, जिससे लड़ाई हो सके और इसका फायदा भाजपा को मिल सके.

कैलाश विजयवर्गीय के बयानों पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि कैलाश विजयवर्गीय अभी मानसिक रूप से परेशान या अस्थिर दौर से गुजर रहे हैं. ऐसा लगता है कि Chief Minister मोहन यादव द्वारा उन्हें बिना किसी सम्मान के दरकिनार किए जाने के कारण वे अपना आपा खो रहे हैं. उनके विभाग में कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है और वे अपना संतुलन खोते हुए दिख रहे हैं. नतीजतन उनकी भाषा पूरी तरह से असभ्य हो गई है, जो किसी अनपढ़ व्यक्ति जैसी लगती है.”

कैलाश विजयवर्गीय ने सार्वजनिक मंच से महिला पार्षद को लेकर उनकी शारीरिक बनावट पर टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो social media पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है.