
New Delhi, 31 अक्टूबर . कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने जानकारी दी है कि 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से महाभियोग चलाया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह के विशेष सत्र बुलाने के बयान पर उन्होंने कहा कि Government की कथनी और करनी में फर्क है, वे संसद में बहस के लिए हमेशा तैयार हैं.
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली को लेकर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “वहां तर्क रखे जाएंगे, भाषण होंगे और सार्वजनिक रूप से महाभियोग चलाया जाएगा. हम प्रतीकात्मक रूप से इस प्रक्रिया का पालन करेंगे और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाया जाएगा. हम यह प्रक्रिया प्रतीकात्मक रूप से इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. यह कड़ा संदेश देने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं. यह बात जनता के मन में है. जनता का मूड यह है कि हर कोई ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त से तंग आ चुका है, जिसने अपनी सारी विश्वसनीयता खो दी है और फिर भी पद पर बना हुआ है. इसलिए उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए. देश के लोगों की यही राय है. हम कड़ा संदेश देने के लिए यह प्रतीकात्मक रूप से कर रहे हैं.”
गृह मंत्री अमित शाह के विशेष सत्र बुलाने वाली टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि मायने संवादों के नहीं बल्कि उन पर अमल के हैं. अगर उनकी बात में दम है, तो वह कार्रवाई में दिखना चाहिए. हमने देखा कि मानसून सत्र कैसे चला. हमने Prime Minister को नहीं देखा. हमने गृह मंत्री को संसद में आते नहीं देखा. वे इतने डरे और सहमे हुए थे कि आखिरी दिन, उस एक दिन के लिए ही आए और फिर चले गए. पेपर लीक, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और युवाओं के आंदोलन से वे बहुत डर गए. उन्होंने छात्रों पर पैलेट गन चलाई.
जेबी माथेर ने कहा कि अब यह भी पेपर लीक जैसा ही है. वोट चोरी भी पेपर लीक जैसी ही है. युवा और छात्र, विपक्षी दलों के साथ सड़कों पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. अब वे इन बातों से भी डरे हुए और हताश हैं. इसी वजह से हमारे युवा छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया. राष्ट्रीय ध्वज थामने पर भी उन्हें सलाखों के पीछे डालकर जेल ले जाया गया.
उन्होंने कहा कि अब वे सड़क पर कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार को बचाया जाए. इसलिए यह कहना बहुत आसान है कि छिपाने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन उनकी कार्रवाई में यह बात नहीं दिखती. संसद सत्र के दौरान ही वे संसद में नहीं आते और अब कह रहे हैं कि विशेष सत्र बुलाएंगे. हम तो हमेशा तैयार हैं. संसद में किसी भी मुद्दे पर बहस करने के लिए हमेशा तैयार हैं. विशेष सत्र बुलाने का फैसला Government को करना है.
सरदार वल्लभभाई पटेल को लेकर पीएम मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और India के सबसे महान तथा उत्कृष्ट नेताओं में से एक हैं. India के इतिहास और कांग्रेस के इतिहास में सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा है. ऐसा नहीं है कि 2014 के बाद सत्ता में आने पर ही लोगों को सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में पता चला. नहीं, ऐसा नहीं है.
उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति हमारे सम्मान के बारे में हमें किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है. हमारे पास नेताओं की एक पूरी आकाशगंगा है. सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे कई नेता हैं, जिन पर हमें गर्व है.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम भाजपा की तरह नहीं हैं, जो अपनी पसंद के नेताओं को चुनती है. हम उन तमाम नेताओं का सम्मान करते हैं जिन्होंने हमारे देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण दिए और जिन्होंने आज के India के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
वोट चोरी के मामले में दिवाली के बाद President से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि हम बार-बार कह चुके हैं कि यह सिर्फ एक, दो या तीन काम करके बात खत्म करने का मामला नहीं है. जब तक हमारा लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, हमारा उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता, यानी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक हम लगातार कार्यक्रमों की एक श्रृंखला जारी रखेंगे.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जिस भी प्राधिकरण के पास हम जा सकते हैं, हम वहां जाएंगे, ज्ञापन सौंपेंगे और याचिकाएं दायर करेंगे. इसलिए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित कराने के लिए यह एक बड़ा प्रयास है.
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पीएम
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