इंडिया ब्लॉक के नेताओं को झटका, सीजेआई ने ज्ञापन संबंधी प्रस्ताव ठुकराया

New Delhi, 11 अक्टूबर . India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात कही थी. सीजेआई ने कहा कि मामला पहले से ही विचाराधीन है, इसलिए उन्हें याचिका दायर करके अदालत से संपर्क करना चाहिए.

इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अस्वीकृति के कारणों को स्पष्ट करते हुए एक तर्कसंगत जवाब विपक्षी नेताओं को ईमेल के माध्यम से भेजा गया है.

सूत्रों के अनुसार, सीजेआई की तरफ से दिए गए जवाब में बताया गया कि Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान प्रशासनिक मार्ग से ज्ञापन प्रस्तुत करने के बजाय न्यायिक कार्यवाही के माध्यम से अधिक उपयुक्त होगा.

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने Monday को Supreme Court तक मार्च निकालने और मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की बात कही थी. इस ज्ञापन में ‘मतदान चोरी’ के आरोपों, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने की घोषणा की गई थी.

विपक्षी नेताओं ने Sunday को नागरिकों से 12 अक्टूबर (कल) को Supreme Court तक मार्च में शामिल होने का आह्वान किया था और Police द्वारा की गई गिरफ्तारियों की आलोचना की थी

वहीं, Mumbai Police ने शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे और एमएनएस नेता अमित ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार Sunday को जब शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन में Police ने लोगों को हिरासत में लेना शुरू किया, उस समय आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने इसका विरोध किया और फिर खुद भी प्रदर्शन में शामिल हो गए. इसके बाद अब Police ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आप नेता अंजलि दमानिया के खिलाफ भी Police ने मामला दर्ज किया गया है. अंजलि दमानिया भी प्रदर्शन में शामिल में होने के लिए शिवाजी पार्क पहुंची थीं, तभी उन्हें भी हिरासत में लिया गया था.

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एमएस/डीकेपी