
New Delhi, 27 अक्टूबर . भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली, जामिया मिलिया इस्लामिया में चल रहे छात्र प्रदर्शन और अनंत सिंह को जेडीयू से निकाले जाने पर प्रतिक्रिया दी. इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया. वहीं, जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से विरोध समाप्त करने की अपील करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए समझौता हो चुका था.
इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित रैली पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विपक्ष का मुद्दा अब ‘टांय-टांय फिस्स’ हो गया है. विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर देश के लोगों को गुमराह कर रहा था. राहुल गांधी की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की आदत बन गई है. विपक्ष ने पहले चुनाव आयोग, फिर ईवीएम, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को निशाना बनाया. उन्होंने Supreme Court के खिलाफ मार्च निकालने को लेकर भी विपक्ष की आलोचना की. हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल वोट देना नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना भी है.
उन्होंने इंडिया ब्लॉक के दस लाख लोगों को जुटाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में विपक्ष के पास कोई विधायक नहीं है और वह दूसरे स्थानों से भीड़ जुटाने की कोशिश करता है. उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में देशभर से लोग खरीदारी के लिए दिल्ली आते हैं, ऐसे में रैली से व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी हो सकती है. भाजपा प्रवक्ता ने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र बना रहेगा और पीएम मोदी अगले चुनाव में भी भारी बहुमत से जीतेंगे. पीएम मोदी लंबे समय तक देश की सेवा करते रहेंगे, जबकि राहुल गांधी उन्हें Prime Minister पद से हटाने में सफल नहीं होंगे.
जामिया में जारी छात्रों के प्रदर्शन पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आदेश जारी हो चुका है, ऐसे में विरोध प्रदर्शन जारी रखने का क्या औचित्य है. छात्रों को समझना चाहिए कि उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए समझौता हो चुका था. कुछ Political ताकतें छात्रों को उकसाने का काम कर रही हैं. छात्रों को Political प्रभाव में आने के बजाय मामले को समझना चाहिए.
अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने पर तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह जेडीयू का आंतरिक मामला था. उन्होंने कहा कि जेडीयू ने अपना फैसला लिया है और तेजस्वी यादव को इस पर चुटकी लेने की जरूरत नहीं है. जेडीयू के निर्णय को Political टिप्पणी का विषय बनाने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अनंत सिंह को लेकर फैसला जेडीयू ने लिया है और इस मामले में पार्टी के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए.
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