आसियान सदस्यों के साथ किया ब्रह्मोस मुख्यालय का दौरा, अनुभव शानदार: सिंगापुर के उच्चायुक्त

New Delhi, 30 सितंबर . सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग समेत India के विभिन्न शहरों में तैनात आसियान देशों के राजनयिकों ने Wednesday को New Delhi स्थित ब्रह्मोस मुख्यालय का दौरा किया.

हाई कमिश्नर वोंग ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्रह्मोस मुख्यालय के दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा, “आज (Wednesday ) आसियान के सहयोगी देशों के साथ New Delhi में ब्रह्मोस मुख्यालय का दौरा कर आंखें खुल गईं (ये ज्ञान बढ़ाने वाला दौरा था)! India के रक्षा उद्योग और ब्रह्मोस के पीछे की इंजीनियरिंग के बारे में और अधिक जानने का यह ये बेहतरीन अवसर था.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे मेजबानों के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद और इस यात्रा के आयोजन के लिए फिलीपींस दूतावास का भी धन्यवाद!”

बता दें कि India से ब्रह्मोस मिसाइल मुख्य रूप से फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया ने खरीदी है या इसे लकेर समझौता किया है.

फिलीपींस वो पहला देश है जिसने India से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदी. साल 2022 में यह सौदा हुआ था. फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों का पहला बैच 2024 में सौंपा गया, जबकि दूसरी खेप अप्रैल 2025 में डिलीवर की गई थी.

India ने इसी साल वियतनाम के साथ भी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की डील की है, जिसके तहत वियतनाम को मिसाइलें और तटीय रक्षा प्रणाली दी जा रही है. India ने मई 2026 में शांगरी-ला डायलॉग के दौरान ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. समझौते की पुष्टि India के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने की थी. वहीं इंडोनेशिया के साथ भी जुलाई 2026 में Prime Minister Narendra Modi की जकार्ता यात्रा के दौरान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल के निर्यात को लेकर एक ऐतिहासिक रक्षा समझौता हुआ.

ब्रह्मोस मिसाइल को India के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूसी एनपीओएम के सहयोग से मिलकर बनाया गया है. डीआरडीओ के अनुसार, इस प्रणाली को एंटी-शिप और लैंड-अटैक भूमिकाओं के लिए दो वेरिएंट के साथ डिजाइन किया गया है.

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केआर/