आर्कटिक सर्कल में भारत ने बताया साइंस-फर्स्ट अप्रोच, कीर्ति वर्धन सिंह ने रखी बात

रेक्याविक, 9 अक्टूबर . केंद्रीय विदेश और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आर्कटिक क्षेत्र में India के साइंस-फर्स्ट अप्रोच को लेकर अपनी बात रखी.

उन्होंने कहा कि एक ऑब्जर्वर स्टेट के तौर पर India रिसर्च को बढ़ाने, सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और एक बेहतर भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर फोकस कर रहा है.

कीर्ति वर्धन सिंह ने ये बातें आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक में चल रही आर्कटिक सर्कल असेंबली में India द्वारा आयोजित सेशन ‘आर्कटिक और जलवायु परिवर्तन: ऑब्जर्वर स्टेट्स के नजरिए’ में ओपनिंग स्टेटमेंट देते हुए कहीं.

Friday को ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “रेक्याविक में आर्कटिक सर्कल असेंबली में India द्वारा आयोजित सेशन में ओपनिंग स्टेटमेंट देने का सम्मान मिला. एक ऑब्जर्वर स्टेट के तौर पर India के साइंस-फर्स्ट अप्रोच पर बात रखी, जिसमें स्वालबार्ड में हमारे हिमाद्री रिसर्च स्टेशन से लेकर हमारी आर्कटिक पॉलिसी तक का जिक्र किया और आगे की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया – मजबूत रिसर्च, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और एक लचीले भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग.”

केंद्रीय राज्यमंत्री ने रेक्याविक में आर्कटिक सर्कल के चेयरमैन ओलाफुर रागनार ग्रिमसन से भी मुलाकात की. इस दौरान India के आर्कटिक क्षेत्र के साथ लंबे समय से जुड़ाव के कई पहलुओं पर चर्चा हुई.

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “रेक्याविक में आर्कटिक सर्कल के चेयरमैन महामहिम ओलाफुर रागनार ग्रिम्सोन से मिलकर खुशी हुई. वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास सहित इस क्षेत्र के साथ India के लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव पर चर्चा की. साझा हित के मुद्दों पर निरंतर बातचीत और सहयोग की आशा है.”

कीर्ति वर्धन सिंह ने सिंगापुर की विदेश राज्य मंत्री गान सियो हुआंग के साथ ‘मेल्टिंग पोल्स : India और सिंगापुर के नजरिए’ नाम के एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया. इसमें आर्कटिक, हिमालय और वैश्विक जलवायु प्रणाली के बीच के संबंधों पर चर्चा हुई.

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “आर्कटिक के गर्म होने से दुनिया भर में मौसम, समुद्र का स्तर और समुदाय प्रभावित होते हैं. सिंगापुर की विदेश राज्य मंत्री गान सियो हुआंग के साथ कार्यक्रम में शामिल हुआ, जिसका संचालन आइसलैंड की पूर्व Prime Minister महामहिम कैट्रिन जैकब्सडॉटिर ने किया. हमने आर्कटिक, हिमालय और वैश्विक जलवायु प्रणाली के बीच संबंधों और हमारी प्रतिक्रिया को विज्ञान और साझेदारी द्वारा क्यों आकार दिया जाना चाहिए, इस पर चर्चा की.”

इससे पहले Thursday को कीर्ति वर्धन सिंह ने रेक्याविक में आइसलैंड की विदेश मंत्री थोरगेरदुर कैट्रिन गुनार्सडॉटिर से मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने मई 2026 में ओस्लो में हुए तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की.

उन्होंने मुलाकात के बाद ‘एक्स’ पर लिखा, “India और आइसलैंड के पास उभरते और पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की मजबूत संभावना है. हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हैं, खासकर व्यापार और निवेश में, जिसमें भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) को लागू करना शामिल है. साथ ही प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.”

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एबीएम