
चंडीगढ़, 3 अक्टूबर . आम आदमी पार्टी (आप) ने मौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है.
पार्टी की ओर से जारी निलंबन पत्र में कहा गया है कि सुखवीर सिंह मैसरखाना के पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल होने की बात सामने आई है. इसी आधार पर उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला किया गया.
पार्टी की ओर से मैसरखाना पर पार्टी के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए हैं. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ घंटे पहले ही सुखवीर सिंह मैसरखाना ने फेसबुक लाइव के जरिए अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षकों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया था.
मैसरखाना ने दावा किया था कि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें Chief Minister भगवंत मान से मुलाकात का समय नहीं मिल पाया. फेसबुक लाइव के दौरान विधायक ने कहा था कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे आगे भी उठाते रहेंगे.
विधायक के इन बयानों के बाद पंजाब की राजनीति में प्रतिक्रिया देखने को मिली और विपक्षी नेताओं ने सरकारी स्कूलों तथा पार्टी नेतृत्व को लेकर लगाए गए आरोपों के आधार पर आप Government को घेरना शुरू कर दिया. इधर पार्टी का कहना है कि मैसरखाना ने जिस स्कूल का जिक्र किया था, वहां पहले से ही 25 शिक्षक मौजूद हैं.
सुखवीर सिंह मैसरखाना 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर मौर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे. जारी निलंबन आदेश में पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को कार्रवाई का आधार बनाया गया है.
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एएमटी/
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