
New Delhi, 10 अक्टूबर . आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की है. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं. उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उनके खिलाफ कार्रवाई और एसआईआर को रद्द नहीं किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.
गोपाल राय ने समाचार एजेंसी से कहा, “देश में दो अक्टूबर से सीईसी ज्ञानेश कुमार की ओर से लोकतंत्र की हत्या करने के खिलाफ आंदोलन चल रहा है. पूरे देश में विपक्षी पार्टियां, छात्र संगठन और नागरिक आवाज उठा रहे हैं, लेकिन Government सीईसी के इस्तीफे और एसआईआर को रद्द करने के बजाय अघोषित आपातकाल लागू कर चुकी है.”
आप नेता ने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार आज भाजपा नेताओं की कटपुतली की तरह काम कर रहे हैं. इसलिए Government उनको बचाने में लगी है और सभी लोकतांत्रिक परंपराओं की धज्जियां उड़ा रही है. गोपाल राय ने कहा कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है. छात्र-युवाओं का यह आंदोलन जंतर-मंतर पहुंचेगा और जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और एसआईआर रद्द नहीं होते, तब तक यह जारी रहेगा.
पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने से कहा, “बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने गरीबों को वोट देने का अधिकार दिलाने के लिए एक बड़ा संघर्ष किया था. आज, मेरा मानना है कि भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल गरीबों के अधिकार छीनने और उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित करने के लिए कर रही है. अब यह पूरा मामला जनता के सामने आ गया है. सीजेपी पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है. उनकी मांग है कि सीईसी को तुरंत हटाया जाए और उन पर मुकदमा दर्ज किया जाए.”
चीमा ने कहा कि आज देश की राजधानी में अघोषित आपातकाल लगाया गया है. प्रदर्शन में लोग नहीं पहुंचे, इसके चलते ट्रेन और कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं. बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है. यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है. साथ ही, हरपाल सिंह चीमा ने सवाल किया कि भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त को क्यों बचा रही है. देश की जनता के सामने भाजपा का यह दोहरा रवैया बेनकाब हो गया है कि वह ‘वोट चोरी’ करके सत्ता में आए हैं.
हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ जल्द ही एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू होने वाला है और वे एक नागरिक के तौर पर इसमें शामिल होने के लिए जाएंगे.
–
डीसीएच/
Skip to content