
New Delhi, 6 नवंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी ने Friday को दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए पंजाब Government को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली Government के दौरान ही राज्य में बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही थी.
इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री आशीष सूद ने भी इसी तरह का आरोप लगाया था.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तिवारी ने आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि जब पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में थी, तब उसने दिल्ली को हर तरह से नुकसान पहुंचाया. चाहे पानी हो, पर्यावरण हो या अन्य मुद्दे, दिल्ली को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
BJP MP ने आगे कहा कि अब जब वे यहां सत्ता में नहीं हैं और पंजाब में बैठे हैं, तो हम वहां से उनकी साजिशों और योजनाओं को देख रहे हैं. दिल्ली के हर निवासी के लिए यह जानना बहुत जरूरी है.
उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान और दिल्ली के नागरिक दोनों ही अपनी सांसों की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आप Government के शासन में पंजाब में पराली जलाई जा रही है. 30 अक्टूबर के बाद जिस तरह से पराली जलाई जा रही है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई.
तिवारी ने आगे दावा किया, “हमें पंजाब की वायु गुणवत्ता की स्थिति के बारे में नवीनतम आंकड़े मिले हैं. इन्हें देखकर आप चौंक जाएंगे. एक्यूआई 1435 तक पहुंच गया है.
उन्होंने बताया कि इस मौसम में चलने वाली हवाएं पंजाब से दिल्ली की ओर बहती हैं, और कहा कि हवा के साथ प्रदूषण दिल्ली और उससे आगे तक फैलता है.
मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि 1435 का आंकड़ा पंजाब के बरनाला में हाल ही में दर्ज किया गया है और इसी वजह से प्रदूषण का स्तर नाटकीय रूप से बढ़ गया है. इससे पहले भी पंजाब के कुछ शहरों में एक्यूआई का स्तर 1100, 900 और अन्य में 1200 तक दर्ज किया गया था.
भाजपा नेता ने आगे कहा कि अगर आप दिल्ली के एक्यूआई आंकड़ों को देखें, तो अक्टूबर के दौरान एक्यूआई आमतौर पर 100 से लेकर 174, 187, 181, 149 तक रहा और यहां तक कि 60 तक भी गिर गया. दरअसल, 30 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई 60 था. लेकिन उसके बाद यह अचानक बढ़ने लगा और 3 नवंबर तक यह 300 तक पहुंच गया.
इस बीच, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य भर में पराली जलाने की कुल 2,787 घटनाएं दर्ज की गई हैं.
सीएक्यूएमएस निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई रिपोर्ट के तहत 5 नवंबर तक प्राप्त निष्कर्षों से पता चलता है कि अकेले पटियाला में पराली जलाने के 156 मामले दर्ज किए गए हैं.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 914 मामलों में कुल 46.10 लाख रुपए का पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 24.85 लाख रुपए वसूल किए जा चुके हैं.
पंजाब Government ने पराली जलाने की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत 710 First Information Report दर्ज की हैं. इसके अतिरिक्त, राजस्व अभिलेखों में 829 मामलों में ‘लाल प्रविष्टियां’ की गई हैं.
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एमएस/
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