‘आपको ट्रैक को पूरी तरह से खोलना होगा’, यूएस जीपी से पहले बोले मैक्स वेरस्टैपेन

New Delhi, 23 अक्टूबर . रेड बुल ड्राइवर मैक्स वेरस्टैपेन ने वीकेंड के यूनाइटेड स्टेट्स ग्रैंड प्रिक्स से पहले ऑस्टिन ट्रैक पर बम्प्स की बुराई करते हुए कहा कि उन्हें बम्प्स मंजूर नहीं हैं.

ऑस्टिन में यूनाइटेड स्टेट्स जीपी से पहले मीडिया से बात करते हुए, चार बार के चैंपियन ने ट्रैक पर चुनौतियों के बारे में बताया.

वेरस्टैपेन ने कहा, “मुझे यह ट्रैक पसंद है, मुझे यह जगह पसंद है. यह अब तक के सबसे अच्छे लेआउट में से एक है, और यह सबसे अच्छी जगहों में से एक है. यह रहने के लिए सबसे अच्छा शहर है. लेकिन, मेरे लिए बम्प्स मंजूर नहीं हैं.”

उन्होंने कहा, “आपको ट्रैक को पूरी तरह से खोलना होगा. इसमें बहुत पैसा और समय लगता है, लेकिन इससे छुटकारा पाने का यही एकमात्र तरीका है. ये उभार नैचुरल नहीं हैं और कंट्रोल से बाहर हैं.”

द सर्किट ऑफ द अमेरिकाज पहले दलदली जमीन पर बना हुआ है, जिससे आयोजकों के लिए इसे अच्छी हालत में बनाए रखना मुश्किल हो गया है. हालांकि, वेरस्टैपेन इसे बहाने के तौर पर नहीं देख रहे हैं, बल्कि उन्हें इस बात की चिंता है कि उम्र बढ़ने के साथ यह रेसर्स को परेशान करेगा.

वेरस्टैपेन ने कहा, “आप यह बहाना बना सकते हैं कि मिट्टी समस्या है, लेकिन तब आपको यह पता होना चाहिए था और आपको यह पक्का करना होगा कि आप इसे और मजबूत करें. उदाहरण के लिए, आप एक कोने में लगभग 5-6 जी खींचते हैं, लेकिन मुझ पर कुछ इम्पैक्ट और वर्टिकल लोड पड़ा, जो मेरी रीढ़ की हड्डी पर 9 जी से ज्यादा था. मैं आपको बता सकता हूँ कि यह सच में मजेदार नहीं है. आप जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, इसके बारे में और ज्यादा सोचते हैं.”

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस सीजन में कारों को पिछले सीजन के मुकाबले कोनों पर नीचे चलने की वजह से बम्प्स के साथ ज्यादा मुश्किल चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

वेरस्टैपेन ने कहा, “आप बहुत ज्यादा जोर से नीचे गिरते हैं, क्योंकि जब विंग्स बंद हो जाते हैं और राइड हाइट कम हो जाती है, तो ब्रेक लगाना असल में बहुत मुश्किल होता है. मुझे पता है कि यहां कुछ जगहों पर ब्रेक लगाना बहुत बम्पी होता है. खासकर जब इस तरह के अजीब बम्प्स होते हैं, सिर्फ ट्रैक के पुराने होने से होने वाले बम्प्स नहीं, बल्कि मिट्टी के नीचे की सतह का ऊपर-नीचे होना, कभी-कभी इनकी उम्मीद करना बहुत मुश्किल होता है.”

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पीएके