
New Delhi, 7 सितंबर . लक्जमबर्ग के उप-Prime Minister और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल ने India के साथ “भरोसेमंद और ईमानदार” संबंध बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया. साथ ही, उन्होंने India के शीर्ष नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि आप अपने वादों को पूरा करने में विश्वास रखते हैं जो प्रशंसा के काबिल है.
New Delhi में विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर के साथ Monday को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बेटेल ने अपने 13 वर्षों के कार्यकाल पर बात की और भारत-लक्जमबर्ग की ओर से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा.
उन्होंने कहा, “और जैसा कि आपने अभी कहा, आप अपने पड़ोसियों को नहीं चुन सकते, लेकिन आप अपने दोस्तों को चुन सकते हैं…और इसलिए यहां आना भी इसी दोस्ती का हिस्सा है. मुझे Government में काम करते 13 साल हो गए हैं और मुझे लगता है कि हमारी Government ने दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा करने के लिए बहुत कुछ किया है.”
बेटेल ने लक्जमबर्ग के Prime Minister के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पीएम Narendra Modi के साथ हुई मुलाकात को भी याद किया.
उन्होंने कहा, “मैं बहुत भाग्यशाली था कि बतौर पीएम मेरे आपके Prime Minister के साथ अच्छे संबंध थे… आजकल लोकतांत्रिक देश होना कोई आम बात नहीं है, और इसके लिए मैं वास्तव में भारतीय लीडरशिप को धन्यवाद देना चाहता हूं.”
उन्होंने Political वादों को पूरा करने में पीएम मोदी की कार्यक्षमता की भी तारीफ की और कोविड महामारी के दौरान लक्जमबर्ग के साथ संयुक्त परियोजनाओं पर India के साथ को याद किया.
लक्जमबर्ग के विदेश मंत्री ने कहा, “आप और Prime Minister मोदी के बारे में मुझे जो बात पसंद है, वह यह है कि जब आप कुछ कहते हैं, तो आप उसे करते भी हैं, और इस बात की बहुत तारीफ की जाती है… मैंने इसे कोविड के समय देखा था जब हमारे कुछ साझा प्रोजेक्ट थे. आपके Prime Minister ने कहा, ‘हम इसे करने जा रहे हैं’. आमतौर पर, जब हम यूरोप में ऐसा कहते हैं, तो यह चर्चा की शुरुआत होती है कि हम उस वादे को कैसे पूरा कर सकते हैं. India में, यह शुरुआत थी लेकिन अंत भी था क्योंकि अगले ही दिन सब कुछ हो गया था. यही वजह है कि मैं आपके Political बयानों की कार्यक्षमता से भी प्रभावित हुआ.”
बेटेल ने पिछले महीने मनाए गए India के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को बधाई भी दी. अपनी बात खत्म करते हुए, बेटेल ने India की दोस्ती और लीडरशिप के लिए उसका शुक्रिया अदा किया. साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय झगड़ों को सुलझाने और देशों के बीच संबंध बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक नजरिए की अहमियत पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, “कुछ देश यह नहीं समझते कि जब आप संबंध बेहतर बनाना चाहते हैं, तो व्यावहारिक होना जरूरी है. और इसका मतलब किसी के खिलाफ होना नहीं है; यह लोगों के हित में है.”
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केआर/
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