
अशोकनगर, 16 अक्टूबर . Union Minister ज्योतिरादित्य सिंधिया ने Friday को आदिवासी समुदाय को India की प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षक बताया. उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए इस समुदाय का कल्याण और विकास में उनकी समान भागीदारी बहुत जरूरी है.
सिंधिया ने Madhya Pradesh के अशोकनगर जिले के करिला धाम में एक आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समुदायों ने अपनी पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव के जरिए पीढ़ियों से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है.
उन्होंने कहा, “आदिवासी समुदाय हमारी प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं का सच्चा संरक्षक है. इस समुदाय का सम्मान करना, उनके कल्याण को सुनिश्चित करना और विकास के लिए उन्हें समान अवसर प्रदान करना Government की प्राथमिकताओं में शामिल है.”
सिंधिया ने आदिवासी कल्याण के लिए केंद्र Government की पहलों का जिक्र करते हुए ‘Prime Minister जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान’ (पीएम-जनमन) पर प्रकाश डाला. इसका उद्देश्य ‘विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों’ (पीवीटीजी) के जीवन स्तर में सुधार लाना है, जिसके तहत उन्हें आवास, सड़क संपर्क, पीने का पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पोषण जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाएं अपने उद्देश्यों को तभी पूरा कर पाएंगी, जब उनका लाभ पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को आदिवासी समुदायों के साथ जुड़े रहना चाहिए, सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए और लाभार्थियों को उपलब्ध सहायता प्राप्त करने में मदद करनी चाहिए.
सिंधिया ने President द्रौपदी मुर्मु के चुनाव का भी उदाहरण दिया, जो एक आदिवासी समुदाय से आती हैं. उन्होंने इसे India की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मौजूद अवसरों के एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया.
अपने Lok Sabha निर्वाचन क्षेत्र गुना के दौरे के दौरान, सिंधिया ने घोषणा की कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाले प्रमुख धार्मिक केंद्र ‘करिला धाम’ को ‘करिला धाम लोक’ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और इसकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित किया जा सके.
उन्होंने बताया कि शाढोरा को करिला धाम से जोड़ने वाली लगभग 50 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 100 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है और इस पर काम चल रहा है. इस परियोजना से अशोकनगर, चंदेरी और मुंगावली से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान होने की उम्मीद है.
सिंधिया ने स्थानीय विधायक के विकास निधि से 50 लाख रुपए की लागत से शबरी आश्रम में एक सामुदायिक भवन और एक टिन शेड के निर्माण की भी घोषणा की.
सम्मेलन को संबोधित करने से पहले उन्होंने करिला धाम में पूजा-अर्चना की. आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया और कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के बीच पौष्टिक भोजन वितरित किया गया.
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एएसएच/डीकेपी
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