
New Delhi, 7 नवंबर . Union Minister गिरिराज सिंह ने Jharkhand की आदिवासी नेत्री निशा कुमारी भगत की आत्महत्या, Jharkhand Government के मंत्री इरफान अंसारी के बयान, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के लेख और गाजियाबाद की वसुंधरा Police चौकी पर हुए धमाके को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने निशा भगत की मौत के लिए Jharkhand की हेमंत सोरेन Government को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि Government उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रही. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा.
Union Minister गिरिराज सिंह ने से बात करते हुए कहा कि निशा भगत एक निडर आदिवासी बेटी थीं. उनका उद्देश्य आदिवासी जमीन और आदिवासी लड़कियों की रक्षा करना था. इसके लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. निशा भगत पर एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार हमले हुए लेकिन हेमंत सोरेन Government उन्हें सुरक्षा देने में विफल रही.
Union Minister ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर चुप हैं. उन्होंने प्रियंका गांधी के चर्चित नारे ‘मैं बेटी हूं, लड़ सकती हूं’ का जिक्र करते हुए सवाल किया कि अब उनकी आवाज कहां है? निशा भगत भी किसी की बेटी थीं. उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से पूछा कि वे इस मामले पर खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रख रही हैं.
Jharkhand के मंत्री इरफान अंसारी के बयान को लेकर भी गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश है और यह सब राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है. उनका कहना था कि राहुल गांधी ने अब तक इरफान अंसारी के बयान की निंदा नहीं की है.
केंद्र Government की आलोचना करते हुए सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि जब सोनिया गांधी लोकतंत्र की बात करती हैं, तो उन्हें दुख होता है. उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी लोकतंत्र की चिंता कर रही हैं या अपने बेटे राहुल गांधी को Political रूप से स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को पहले उन राज्यों में कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, जहां पार्टी कई दशकों से सत्ता में वापस नहीं आ पाई है. लोकतंत्र पर सवाल उठाने से पहले उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रायश्चित करना चाहिए और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए.
गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल और भारतीय नागरिकता को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनके विदेशी मूल का जिक्र करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. उनकी जड़ें इटली में हैं और इस तथ्य को स्वीकार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने एक भारतीय परिवार में शादी की और देश ने उन्हें बहू के रूप में स्वीकार किया.
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने India आने के बाद 12 वर्षों तक भारतीय नागरिकता नहीं ली थी. उन्होंने इस अवधि को लेकर सवाल उठाए और जवाब मांगा. इसके अलावा, उन्होंने सोनिया गांधी पर अपने बच्चों के लिए पोप से आशीर्वाद मांगने और उनका धर्म परिवर्तन कराने से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया.
गाजियाबाद की वसुंधरा Police चौकी पर हुए धमाके को लेकर गिरिराज सिंह ने इसे मुस्लिम चरमपंथियों की करतूत बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें देश के मुसलमानों से नफरत या डर नहीं है लेकिन वे चरमपंथी गतिविधियों का विरोध करते हैं. उन्होंने सवाल किया कि इस घटना के खिलाफ अब तक मुस्लिम नेताओं ने खुलकर आवाज क्यों नहीं उठाई.
उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेते हुए पूछा कि वे इस मामले पर चुप क्यों हैं. गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ओवैसी, अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे नेता मुस्लिम वोटों की राजनीति के कारण इस मुद्दे पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को सड़कों पर उतरकर धमाके की निंदा करनी चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है, तो इसे उनकी ओर से जिम्मेदार लोगों को मौन समर्थन देने के रूप में देखा जा सकता है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में डर का माहौल बनाने की कोशिशों को लेकर भी विपक्ष को चेतावनी दी और कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं.
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पीएम
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