
New Delhi, 1 सितंबर . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने Tuesday को आतंकवाद और धर्म को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है. सलमान खुर्शीद ने से बात करते हुए यहां तक कहा कि आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ना खुद और धर्म के साथ भी अन्याय के समान है.
New Delhi में से बातचीत में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह बात तो बहुत साफ है कि आतंकवाद का किसी मजहब या किसी धर्म से कोई ताल्लुक नहीं है. जो समझता है कि धर्म का ताल्लुक आतंकवाद से है, वह न तो धर्म को समझता है और न ही आतंकवाद को समझता है. इसलिए अगर आप आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ेंगे, तो आप इतना बड़ा अन्याय अपने आप के साथ भी करेंगे और धर्म के साथ भी करेंगे. आतंकवादी तो आतंकवादी होता है, वह कभी धार्मिक तो हो ही नहीं सकता.
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टलने पर कहा कि निचली अदालतों में बहस हो रही है. सभी जानते हैं कि केस में Supreme Court की बेंच ने फैसला किया था और कहा था कि जब 6 साल पूरे होंगे, तो उसके बाद आपकी बेल पर जरूर कार्रवाई होगी. Supreme Court की एक और बेंच ने कहा कि ऐसा करना शायद सही नहीं था, अब बड़ी पीठ इस पर सुनवाई करेगी. आज नहीं तो कल, उनको बेल मिल ही जाएगी.
यूपी चुनाव में कांग्रेस-सपा द्वारा माइनॉरिटी से बचने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं सपा के लिए कुछ नहीं कह सकता. हर पार्टी का अपना नजरिया होता है, अपना सिस्टम होता है. मैं अपनी पार्टी के लिए कह सकता हूं कि हमारी पार्टी में किसी किस्म की झिझक नहीं है. यह दूसरी बात है कि जब आप बात करते हैं और लोगों को बताते हैं कि आपको सभी लोगों को साथ लेकर चलना है, तब आप दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों की बात करते हैं, जिनमें मुसलमान भी शामिल हैं. जो भी कमजोर है और जिसे समाज में इंसाफ नहीं मिला है, हम उसकी बात करते हैं. कोई यह नहीं कह सकता कि आप तौल-तौलकर अलग-अलग वर्गों पर बोलें. माहौल देखकर कभी किसी के लिए कहा जाता है, कभी किसी के लिए. राहुल गांधी ने तो यहां तक कहा है कि आप माइनॉरिटी-माइनॉरिटी क्यों कहते हैं, अगर मुसलमान की बात करनी है तो सीधे मुसलमान कहिए.
उन्होंने कहा कि अगर कोई नाराज है तो राहुल गांधी से बात कर लें. वह बात करने के लिए तैयार हैं. हर चीज का एक मौका और एक तरीका होता है. अगर किसी को शिकायत है तो अपनी बात कहे. अगर मुस्लिम महिला मतदाता उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं, तो हमसे बात कर लें कि राहुल गांधी तक यह बात पहुंचाएं. वह इन बातों पर गौर करेंगे और जो प्रतिक्रिया देनी होगी, वह देंगे.
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर कांग्रेस नेता ने कहा कि विवाद किस बात का है? कोई विवाद नहीं है. ऑफिशियल फंक्शन्स में सभी पद गाए जाने चाहिए. पारंपरिक रूप से हम लोग केवल दो पद गाते चले आ रहे हैं, ताकि किसी को ऐसा न लगे कि यह किसी विशेष वर्ग के लिए ही है. यह सबके लिए है, पूरे भारतवर्ष के लिए है, India के सभी लोगों के लिए है. जब वह परंपरा इतने सालों से चली आ रही थी, तो उसमें परिवर्तन की आवश्यकता क्या थी?
–
डीकेएम/एबीएम
Skip to content