आगामी सप्ताह भारत के लिए अहम: ब्रिक्स संसदीय फोरम और लिकटेंस्टीन प्रिंस की यात्रा पर रहेगी नजर

New Delhi, 25 अक्टूबर . आने वाला सप्ताह India की डिप्लोमेसी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक New Delhi में ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन होगा, वहीं लिकटेंस्टीन के राजकुमार एलोइस की India यात्रा भी जारी रहेगी. इसके साथ ही India और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं केरल में संयुक्त सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद के पांचवें संस्करण में हिस्सा ले रही हैं.

New Delhi में 26 और 27 अक्टूबर को 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन किया जाएगा. इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना’ है. इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. सम्मेलन के दौरान संसदीय सहयोग, विकास संबंधी प्राथमिकताओं और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

ये फोरम India को सदस्य देशों के साथ संसदीय स्तर पर संवाद मजबूत करने का अवसर देगा. इस मंच पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करने के साथ-साथ विकास, जनकल्याण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे. द्विपक्षीय बैठकों के जरिए भी भाग लेने वाले देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की संभावना है.

इसी दौरान लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार और कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष एलोइस 25 से 28 अक्टूबर तक India की राजकीय यात्रा पर हैं. उनकी यात्रा India और लिकटेंस्टीन के बीच राजनयिक संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है. दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की संभावना है.

यूरोप के छोटे लेकिन आर्थिक रूप से संपन्न देश लिकटेंस्टीन के साथ India के संबंधों में आर्थिक और कारोबारी सहयोग की अहम भूमिका है. राजकीय यात्रा से दोनों देशों को आपसी हितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने का अवसर मिलेगा.

सैन्य सहयोग के मोर्चे पर India और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं केरल में संयुक्त अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2026 के पांचवें संस्करण में हिस्सा ले रही हैं. यह अभ्यास तिरुवनंतपुरम स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया जा रहा है और 1 नवंबर तक जारी रहेगा. इसमें दोनों देशों के लगभग 240 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं.

दो सप्ताह के इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सामरिक समन्वय और अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करना है. प्रशिक्षण के दौरान जंगल, द्वीपीय और तटीय क्षेत्रों जैसी विभिन्न परिस्थितियों में संयुक्त अभियानों से जुड़े कौशल पर ध्यान दिया जा रहा है. ऐसे अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं को समझने और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं.

India और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में व्यापक हुआ है. संयुक्त सैन्य अभ्यास इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इनके जरिए दोनों देश सैन्य प्रशिक्षण, अनुभवों के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को बेहतर बनाने पर काम करते हैं.

–

केआर/