आईडीबीआई बैंक बिक्री विवाद पर राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा, कहा- सरकारी बैंक बेचने की संपत्ति नहीं

New Delhi, 30 अक्टूबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने Friday को आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बेचने के केंद्र Government के फैसले की कड़ी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस के समय में बनी संस्थाओं को बेच रही है. उन्होंने इस प्रस्तावित विनिवेश के बीच बैंक कर्मचारियों के साथ एकजुटता भी दिखाई.

राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “कांग्रेस के समय आईडीबीआई को देश के उद्योग को बनाने के लिए स्थापित किया गया था. पीएम मोदी के समय पहले बोली लगी, फिर दाम तय हुआ. कांग्रेस के समय बैंक बनाए जा रहे थे, पीएम मोदी के समय बेचे जा रहे हैं. मैं आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के साथ खड़ा हूं.”

राहुल गांधी ने आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के नाम एक चिट्ठी भी लिखी. इसमें उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल मार्च में संसद भवन में कर्मचारियों के एक समूह से उनकी मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने Government से सवाल किया था कि जिस बैंक को उन्होंने मुनाफे में लाया है, उसे Government क्यों बेच रही है?

राहुल गांधी ने लिखा, “आपने मुझसे एक सीधा सवाल पूछा था कि Government उस बैंक को क्यों बेच रही है, जिसे आपने मुनाफे में लाया है? मैं आपका सवाल Lok Sabha में लेकर गया. मैंने पूछा कि एक मुनाफे वाले सरकारी बैंक को क्यों बेचा जा रहा है और उसके कर्मचारियों और जमाकर्ताओं की सुरक्षा कैसे होगी? Government ने कोई जवाब नहीं दिया. अब उसने आईडीबीआई बैंक को कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स को बेचने का फैसला किया है.”

राहुल गांधी ने बैंक के डेवलपमेंट बैंक से कमर्शियल बैंक बनने तक के सफर और कर्मचारियों की मेहनत को सराहा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने बड़ी चुनौतियों का सामना किया है. सात साल पहले आईडीबीआई घाटे में था. पिछले साल इसने नौ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का मुनाफा कमाया. यह बदलाव आपका काम है.

Government के अपनी हिस्सेदारी कम करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए राहुल ने कहा कि टैक्सपेयर्स के पैसे से बनी सार्वजनिक संस्थाएं जनता की हैं. फिलहाल Government और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास बैंक की करीब 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो बिक्री के बाद घटकर करीब 34 प्रतिशत रह जाएगी.

कांग्रेस नेता ने 2003 में Government द्वारा संसद में दिए गए उस आश्वासन को भी याद दिलाया, जिसमें कहा गया था कि Government आईडीबीआई बैंक में कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगी. उन्होंने कहा कि यह जनता से किया गया वादा था.

राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि निजीकरण से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण प्रावधानों के साथ-साथ कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर भी असर पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने वाले मजबूत सार्वजनिक क्षेत्र में विश्वास करती रही है. सरकारी बैंक बेचने की संपत्ति नहीं हैं, वे देश बनाने के औजार हैं. आपने मुझे आपके साथ खड़े होने के लिए कहा था. मैं आज आपकी लड़ाई में आपके साथ खड़ा हूं और आपकी सभी जायज मांगों का पूरी तरह समर्थन करता हूं. एकजुट रहें. दृढ़ रहें. जय हिंद.

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एबीएम