आईडीएफ का दावा : हिज्‍बुल्लाह ने सुरक्षा बलों पर ड्रोन से हमले की रची साज‍िश, जवाबी कार्रवाई शुरू

नई द‍िल्‍ली, ​​6 सितंबर . इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दक्षिणी लेबनान पर समझौतों के उल्‍लंघन करने का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई में हमले शुरू करने की बात कही. आईडीएफ का कहना है क‍ि हिज्‍बुल्लाह के लड़ाकों ने आईडीएफ सैन‍िकों पर ड्रोन से हमला करने की कोश‍िश की. हिज्‍बुल्लाह का यह हमला समझौतों का खुला उल्लंघन है.

आईडीएफ सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में जानकारी साझा करते हुए बताया, ”हिज्‍बुल्लाह के लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में अभियान चला रहे इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) के सैनिकों की ओर दो ड्रोन भेजे. आईडीएफ के सैनिकों ने जवाबी फायरिंग की और एक ड्रोन को मार गिराया. इस घटना में किसी भी आईडीएफ सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है. इसके जवाब में आईडीएफ अब दक्षिणी लेबनान में हमले कर रहा है.”

उल्लंघन के जवाब में की गई कार्रवाई में आईडीएफ सैन‍िकों ने हिज्‍बुल्लाह के लड़ाकों और हथियारों के भंडारण स्थलों को निशाना बनाया. आईडीएफ ने कहा क‍ि इन हथ‍ियारों का इस्तेमाल सुरक्षा क्षेत्र में तैनात आईडीएफ (इजरायली रक्षा बल) के सैनिकों और इजरायली नागरिकों के खिलाफ हमलों की साज‍िश बनाने और उन्हें निर्देशित करने के लिए किया जा रहा था.

आईडीएफ का कहना है क‍ि इन ठिकानों पर हमले तत्काल खतरे को खत्म करने के लिए किए गए. आईडीएफ ने बताया क‍ि यह कार्रवाई हिज्‍बुल्लाह की ओर से किए गए हमले की कोशिश के जवाब में की गई. इससे पहले भी प‍िछले सप्‍ताह आईडीएफ ने अली अल-ताहर रिज क्षेत्र में हिज्‍बुल्लाह के भूमिगत ढांचे पर हमला करके उसे निष्क्रिय क‍िया था.

आईडीएफ के अनुसार, इस भूमिगत नेटवर्क के अंदर मौजूद लड़ाकों ने इजरायल और आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ हमले किए थे. यह भूमिगत ढांचा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक नेटवर्क था, जिसे करीब दो दशकों में बनाया गया था. आईडीएफ का दावा है कि इसके निर्माण और योजना में ईरानी शासन का समर्थन और वित्तीय सहायता शामिल थी. इस नेटवर्क में कमांड सेंटर, हथियारों के भंडार, रहने की जगहें और अन्य सुविधाएं मौजूद थीं.

एवाई/पीएम