आईएमएफ का नया विकास दर अनुमान भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का सबूत : अर्थशास्त्री

New Delhi, 13 अक्टूबर . पश्चिम में चल रहे भू-Political तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से विकास दर अनुमान बढ़ाना देश की आर्थिक ताकत को दिखाता है. यह जानकारी अर्थशास्त्री मिताली नीलकोर की ओर से Tuesday को दी गई.

आईएमएफ ने 2027 के लिए देश की विकास दर अनुमान को बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले 6.4 प्रतिशत था.

नीलकोर ने समाचार एजेंसी से कहा कि देश की तेज विकास दर के पीछे की वजह कई सरकारी पहले हैं, जिसमें सबसे प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर है. इस पर बीते 10 वर्षों में काफी काम किया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ और अन्य व्यवधान खड़े करने के बाद भी India के तेजी से विकास करने की वजह India का अपने ट्रेड बास्केट में विविधता लाना है और यह यूके, ओमान और अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की मदद से संभव हुआ है.

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के India की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने के अनुमान को लेकर अन्य अर्थशास्त्री विनोद रावल ने इसे देश के लिए गर्व की बात बताया है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में India की स्थिति मजबूत बनी हुई है.

रावल ने से बात करते हुए कहा कि Government की ओर से 12 लाख रुपए तक की आय पर आयकर में राहत देने के फैसले से लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ने में मदद मिल सकती है. इसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है. उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसका लाभ आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है.

रावल ने आगे कहा कि घरेलू मांग, सरकारी नीतियों और नए तकनीकी क्षेत्रों में हो रहे विकास से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है.

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एबीएस