आईएएस रिंकू दुग्गा की बहाली पर Supreme Court की अंतरिम रोक, केंद्र की याचिका पर नोटिस जारी, 13 अक्टूबर को अगली सुनवाई

New Delhi, 11 सितंबर . Supreme Court ने चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू दुग्गा की बहाली पर फिलहाल रोक लगा दी है. अपने कुत्ते को घुमाने के लिए दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खाली कराने के विवाद में केंद्र Government द्वारा जबरन रिटायर की गईं आईएएस अधिकारी रिंकू दुग्गा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बहाली का आदेश दिया था, जिस पर अब Supreme Court ने अंतरिम रोक लगा दी है.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की बेंच ने केंद्र Government की याचिका पर सुनवाई करते हुए रिंकू दुग्गा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. केंद्र Government ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (सीएटी) के उन्हें बहाल करने के आदेश को बरकरार रखा गया था. इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 अक्टूबर को होगी.

दरअसल, यह पूरा विवाद 2022 में शुरू हुआ था, जब आरोप लगे थे कि आईएएस अधिकारी रिंकू दुग्गा और उनके आईएएस पति संजीव खिरवार ने दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को समय से पहले खाली करवा दिया था ताकि वह अपने कुत्ते को वहां घुमा सकें. उस समय स्टेडियम में खिलाड़ी और कोच प्रैक्टिस कर रहे थे, जिन्हें बाहर निकाल दिया गया था. घटना की तस्वीरें और मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद पूरे देश में इस मामले पर हंगामा मच गया था.

विवाद बढ़ने के बाद गृह मंत्रालय ने कड़ा एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया था. रिंकू दुग्गा को अरुणाचल प्रदेश भेजा गया था, जबकि उनके पति को लद्दाख ट्रांसफर किया गया था. बाद में केंद्र Government ने समीक्षा के बाद रिंकू दुग्गा को एफआर 56 (जे) के तहत जबरन रिटायर कर दिया था. Government ने दलील दी थी कि उनका सर्विस रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं है.

इस फैसले के खिलाफ रिंकू दुग्गा ने सीएटी में याचिका दायर की थी. सीएटी ने केंद्र के फैसले को गलत ठहराते हुए उन्हें बहाल करने का आदेश दिया था. केंद्र Government इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट गई, लेकिन हाईकोर्ट ने भी सीएटी के फैसले को बरकरार रखा.

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