
तेहरान, 11 अक्टूबर . ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया कि शनिवार को नियमों का उल्लंघन करने वाला एक सुपरटैंकर धमाके का शिकार हो गया. आईआरजीसी ने बताया कि सुपरटैंकर अनधिकृत रास्ते के जरिए होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था इसी दौरान नौसैनिक माइंस से टकराने के बाद उसमें जबरदस्त धमाका हुआ.
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर Saturday को जारी बयान में नौसेना ने कहा कि कच्चा तेल ले जा रहे इस जहाज ने अपनी नेविगेशन और जीपीएस प्रणालियां बंद कर रखी थीं. विस्फोट के बाद जहाज में आग लग गई. सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नौसेना ने कहा कि जिस रास्ते से जहाज गुजर रहा था उसे पहले ही उच्च जोखिम वाला क्षेत्र घोषित किया गया था. उसने चेतावनी दी कि ईरान के नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी तेल टैंकर का यही हाल हो सकता है.
इससे एक दिन पहले Friday को आईआरजीसी नौसेना ने कहा था कि उसकी सेना ने ‘एनवी सनशाइन’ नाम के एक बड़े एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) वाहक जहाज को निशाना बनाया था. नौसेना के मुताबिक यह जहाज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से से एक ‘गैरकानूनी’ रास्ते के जरिए गुजरने की कोशिश कर रहा था.
आईआरजीसी ने कहा कि हमले के बाद जहाज के इंजन रूम और उसकी प्रणोदन (प्रोपल्शन) प्रणाली में आग लग गई थी. नौसेना ने क्षेत्र में बढ़ते समुद्री तनाव और इस तरह की घटनाओं के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया.
साथ ही उसने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई अब केवल होर्मुज स्ट्रेट तक सीमित नहीं रहेगी. किसी भी अनधिकृत मार्ग से गुजरने वाले जहाज को ‘सजा’ दी जाएगी.
इस बीच, ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने Thursday को कहा कि अमेरिका की ओर से दो बार हमले किए जाने के बावजूद ईरान बातचीत का रास्ता नहीं छोड़ेगा. यह जानकारी उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में दी गई.
तुर्कमेनिस्तान के तुर्कमेनबाशी शहर में रूस के President व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान पेजेश्कियन ने कहा, “हम बातचीत कर रहे हैं. लेकिन जब भी हम अमेरिका के साथ संवाद करते हैं, वे फिर हमला कर देते हैं. इसके बावजूद हम बातचीत और संवाद का रास्ता नहीं छोड़ेंगे.”
उन्होंने बताया कि ईरान ने कुछ प्रस्ताव पेश किए हैं, जिनके जवाब में अमेरिका ने भी नए प्रस्ताव दिए हैं. पेजेश्कियन ने कहा, “हमने इन प्रस्तावों में अपने सुझाव और संशोधन शामिल किए हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौजूदा मध्यस्थों के जरिए बैठकर इन्हें अंतिम रूप देने की योजना है.”
गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण और सख्त करते हुए इजरायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी. यह कदम दोनों देशों द्वारा ईरानी क्षेत्र पर संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था.
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एवाई/पीएम
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