आईआईटी बॉम्बे में फिर शुरू हुईं रेगुलर क्लासेस, कैंपस में कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं

Mumbai , 23 सितंबर . भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे के दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे और संस्थान विवादों में घिरा हुआ था. इस बीच Wednesday को खबर सामने आई है कि आईआईटी-बॉम्बे में रेगुलर क्लासेस फिर से शुरू हो गई हैं. कैंपस में कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं हो रहा है.

आईआईटी-बॉम्बे के कैंपस में 12,000 से ज्यादा छात्र और 700 से ज्यादा फैकल्टी सदस्य हैं, लेकिन अब कैंपस के अंदर कहीं भी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहा है. सिर्फ कुछ ह्यूमैनिटीज के छात्र और एसएफआई के सदस्य कैंपस के बाहर बैठे हैं.

बता दें कि Tuesday को क्राइम ब्रांच ने साहिल के माता-पिता का बयान दर्ज किया था. क्राइम ब्रांच उनसे और जानकारी लेना चाहती है, इसके लिए उनसे दोबारा पूछताछ की जाएगी. अधिकारी ने बताया कि साहिल के पास आईफोन था और वह लॉक है. इस वजह से उसे खोलने के लिए टेक्निकल हेल्प ली जा रही है. उसके खुलने के बाद ही आगे की जानकारी मिल पाएगी, जैसे कि चैट, जीपीटी हिस्ट्री, ताकि किए गए दावों की जांच की जा सके.

उन्होंने कहा कि आईआईटी बॉम्बे में एससी-एसटी सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर है, जहां कभी किसी भी विद्यार्थी को कोई परेशानी होती है तो उसकी जानकारी इन दो जगहों में से किसी एक जगह दी जाती है. Police ने बताया कि हम इन दोनों जगहों पर पत्र देकर पूछने वाले हैं कि क्या पहले कभी साहिल ने यहां कोई शिकायत की थी या उसकी काउंसलिंग हुई थी?

इससे पहले Monday को आईआईटी बॉम्बे ने Monday को उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि एक छात्र की आत्महत्या के कारण संस्थान के निदेशक शिरीष बी. केदारे ने इस्तीफा दे दिया है. संस्थान ने इन खबरों को गलत बताया. आईआईटी बॉम्बे ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है. हम साफ तौर पर कहते हैं कि इससे जुड़ी खबर झूठी है.

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डीके/डीकेपी