आईआईएम लखनऊ के विशेषज्ञ संवारेंगे ग्रामीण महिलाओं के कारोबार, 150 उद्यमों को मिलेगा प्रशिक्षण और बाजार

Lucknow, 6 नवंबर . उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के छोटे कारोबार को मजबूत उद्यमों में बदलने के लिए योगी Government ने बड़ी पहल की है. अब भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) Lucknow के विशेषज्ञ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने, आधुनिक प्रबंधन, डिजिटल तकनीक और बाजार से जुड़ने के गुर सिखाएंगे. इसके तहत प्रदेश की 150 महिला-नेतृत्व वाली उद्यम इकाइयों को 18 महीने तक विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस संबंध में Friday को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और आईआईएम Lucknow के एंटरप्राइज इनक्यूबेशन सेंटर (आईआईएमएल-ईआईसी) के बीच समझौता हुआ.

आईआईएम Lucknow के निदेशक यामिनी भूषण पाण्डेय और मिशन निदेशक अरुण कुमार ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. यह पहल उप Chief Minister केशव प्रसाद मौर्य के प्रयासों से आगे बढ़ी है. समझौते का मसौदा तैयार होने से पहले उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों के साथ संयुक्त बैठकें कर कार्यक्रम की रूपरेखा में ग्रामीण महिलाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे. उन्होंने चयन, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ इसे समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया था.

उप Chief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनके लिए महिलाओं का आर्थिक विकास सर्वोपरि है. स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं में उद्यम चलाने की क्षमता और मेहनत करने का जज्बा है. जरूरत उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी, बाजार और पूंजी उपलब्ध कराने की है. Government का प्रयास है कि ग्रामीण महिलाएं केवल आजीविका चलाने तक सीमित न रहें, बल्कि सफल उद्यमी बनें और दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें.

उन्होंने पूर्ववर्ती Governmentों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ‘100 में 80 हमारा’ का नियम अपनाया जाता था, जबकि मौजूदा Government गरीबों के हक का 100 प्रतिशत पैसा उनके खातों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में डबल इंजन Government योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचा रही है. दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित इस कार्यक्रम में चयनित 150 महिला उद्यमियों को 18 महीने तक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा. इसके तहत व्यवसाय प्रबंधन, डिजिटल प्रशिक्षण, बाजार संपर्क, नियामकीय अनुपालन और औपचारिक ऋण तक पहुंच बनाने में सहायता दी जाएगी.

कार्यक्रम में 18 उत्कृष्ट उद्यमों को चैलेंज फंड के माध्यम से अनुदान दिया जाएगा. वहीं, शेष 132 उद्यम सामुदायिक स्तरीय संघ (सीएलएफ) के जरिये ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त करने के पात्र होंगे. इससे महिला उद्यमियों को अपने कारोबार के विस्तार और जरूरत के मुताबिक निवेश करने में मदद मिलेगी. इस पहल का प्रमुख उद्देश्य चयनित उद्यमों के राजस्व में कम से कम 15 प्रतिशत की वृद्धि करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार करना है.

आईआईएम Lucknow की प्रबंधन विशेषज्ञता और ग्रामीण आजीविका मिशन के व्यापक नेटवर्क को जोड़कर महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दीदियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत ताकत हैं. उन्हें उद्यमिता, नवाचार और आधुनिक प्रबंधन से जोड़कर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में भागीदार बनाया जाएगा.

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विकेटी/डीकेपी