आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस पर नेताओं ने दी बधाई, जानें राज्य के गठन का इतिहास

अमरावती, 1 नवंबर . आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस हर साल 1 नवंबर को मनाया जाता है. इस मौके पर देशभर के नेताओं ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं.

आंध्र प्रदेश के गठन की कहानी दो चरणों में पूरी हुई. सबसे पहले 1 अक्टूबर 1953 को मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को अलग करके ‘आंध्र राज्य’ का गठन हुआ था. इसकी राजधानी कुरनूल थी. यह राज्य पोट्टी श्रीरामुलु के ऐतिहासिक आमरण अनशन और बलिदान के बाद बना था.

इसके बाद 1 नवंबर 1956 को तत्कालीन ‘आंध्र राज्य’ और हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को मिलाकर भाषाई आधार पर आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन हुआ. तब हैदराबाद को इसकी राजधानी बनाया गया था.

कई सालों बाद 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ, जिसके बाद तेलंगाना एक अलग राज्य बन गया.

Union Minister मनोहर लाल ने आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों को बधाई दी. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली ऐतिहासिक परंपराओं की धरोहर आंध्र प्रदेश, प्राचीन स्थापत्य कला, समृद्ध इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण कर्नाटक, अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान एवं अनुपम प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध केरल, अदम्य साहस, वीरता और बलिदान की गौरवशाली भूमि पंजाब, ऐतिहासिक धरोहरों और विविध सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध Madhya Pradesh तथा जनजातीय संस्कृति, समृद्ध वन संपदा और प्रचुर खनिज संसाधनों से संपन्न छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.”

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास यात्रा में इन सभी राज्यों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है. कामना है कि ये सभी राज्य विकास, प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करें तथा Prime Minister Narendra Modi के विकसित India के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.

उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने भी आंध्र प्रदेश के लोगों को बधाई दी. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “सनातन आस्था के पावन स्पंदन, प्राचीन सभ्यता के गौरव और सजीव लोक-संस्कृति की अनुपम छटा से अभिसिंचित आंध्र प्रदेश के स्थापना दिवस की आंध्र प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई. Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन और Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में यह राज्य विकास, समृद्धि एवं उन्नति के नित नए शिखर स्पर्श करे तथा जन-जन का जीवन खुशहाली से परिपूर्ण हो, भगवान श्री मल्लिकार्जुन जी से यही प्रार्थना है.”

आज के दिन तमिलनाडु में भी स्थापना दिवस मनाया जाता है. तमिलनाडु में दो दिन तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाए जाते हैं- 1 नवंबर और 18 जुलाई. 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर ‘मद्रास राज्य’ का गठन हुआ था, इसी की याद में 1 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है. वहीं, 18 जुलाई 1967 को मद्रास विधानसभा में मद्रास राज्य का नाम बदलकर ‘तमिलनाडु’ करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था, इसलिए उस दिन को भी तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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एएस