
अमरावती, 12 सितंबर . केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने Saturday को आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) और 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (आईपीएचएल) का उद्घाटन किया. इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्या कुमार यादव, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे.
Union Minister ने कहा कि यह केवल नई स्वास्थ्य इमारतों का उद्घाटन नहीं है, बल्कि आंध्र प्रदेश और देश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली की दो अहम कड़ियां हैं. एक गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद करती है, जबकि दूसरी बीमारियों का समय रहते पता लगाकर बड़े स्वास्थ्य संकट को रोकने में सहायक होती है.
जेपी नड्डा ने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि इस संकट ने दिखाया कि स्वास्थ्य आपात स्थिति कितनी तेजी से आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय संकट में बदल सकती है. उन्होंने कहा कि कोविड ने यह सिखाया कि ‘स्वास्थ्य सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है.’
उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान कई अस्पतालों को कोविड केंद्रों में बदलना पड़ा, जिससे अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं. इसी अनुभव के आधार पर Prime Minister आयुष्मान India स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की शुरुआत की गई, ताकि भविष्य में महामारी और स्वास्थ्य आपात स्थितियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके.
Union Minister ने बताया कि पीएम-एबीएचआईएम के तहत देशभर में 631 क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्वीकृत किए गए हैं. आंध्र प्रदेश के लिए पांच वर्षों की योजना अवधि में 1,271.80 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं.
इस योजना के तहत राज्य में 24 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 26 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब स्वीकृत की गई हैं. इनमें से 24 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के निर्माण के लिए लगभग 606 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है.
नड्डा ने कहा कि गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े, इसलिए जिला स्तर पर ही आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में 26 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के लिए 32.50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. सभी 26 लैब का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इनमें से 14 लैब पहले से कार्यरत हैं, जबकि शेष 12 लैब का उद्घाटन किया गया है.
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी स्वास्थ्य आपदा से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए समय पर बीमारी का पता लगाना बेहद जरूरी है, इसलिए प्रयोगशालाएं केवल जांच केंद्र नहीं, बल्कि देश की स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
जेपी नड्डा ने कहा कि Government की योजना केवल बड़े अस्पताल बनाने तक सीमित नहीं है. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं गांव और समुदाय स्तर तक पहुंचाई जा रही हैं. वहीं, पीएचसी और सीएचसी को मजबूत किया जा रहा है तथा जिला स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पब्लिक हेल्थ लैब स्थापित की जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि देश की स्वास्थ्य नीति अब केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक समग्र स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.
Union Minister ने बताया कि देशभर में 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं. इन केंद्रों पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गर्भावस्था जांच, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि अब तक 42 करोड़ से अधिक लोगों की डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की जांच की जा चुकी है. वहीं, करोड़ों लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग भी की गई है. उन्होंने एचपीवी वैक्सीन को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
नड्डा ने कहा कि यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की निगरानी की जा रही है. उन्होंने मिशन इंद्रधनुष के तहत बेहतर प्रदर्शन के लिए आंध्र प्रदेश की सराहना की.
उन्होंने बताया कि देश में संस्थागत प्रसव की दर 90 प्रतिशत से अधिक हो गई है. मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. साथ ही तपेदिक (टीबी) के मामलों में भी गिरावट आई है और उपचार कवरेज 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुका है.
जेपी नड्डा ने आंध्र प्रदेश Government, स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब तकनीशियनों, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की.
उन्होंने कहा, “इमारतें और तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ा सकती हैं, लेकिन अंततः लोगों की सेवा लोग ही करते हैं.” उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से नई सुविधाओं का उपयोग दक्षता, संवेदनशीलता और गरिमा के साथ करने का आह्वान किया.
Union Minister ने कहा कि India की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव लाने में आंध्र प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है और राज्य के सफल मॉडल देश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं.
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एएमटी/डीकेपी
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