
अमरावती, 8 नवंबर . आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता हटाने का आदेश जारी किया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने Sunday को इस संबंध में आदेश जारी किया.
यह फैसला राज्य की नगर निगमों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया गया है. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी, क्योंकि ग्राम पंचायतों के चुनाव होने बाकी हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (जेडपीटीसी) और मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (एमपीटीसी) के चुनावों की मतगणना भी पूरी हो चुकी है. इसके बावजूद ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता जारी रहेगी.
आंध्र प्रदेश में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में 14 अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता लागू की गई थी. आयोग ने राज्य की 13 नगर निगमों, 87 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में चुनाव कराने की अधिसूचना जारी की थी. शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार, 28 अक्टूबर को मतदान और 30 अक्टूबर को मतगणना होनी थी. हालांकि, Supreme Court के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरी निकाय चुनावों के कार्यक्रम में बदलाव किया. इसके तहत मतदान की तारीख 1 नवंबर और मतगणना की तारीख 3 नवंबर निर्धारित की गई.
आयोग ने बताया कि 100 शहरी स्थानीय निकायों में से चिराला नगरपालिका को छोड़कर बाकी सभी जगह 3 नवंबर को मतगणना और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी. चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण चिराला नगरपालिका में मतगणना 6 नवंबर तक टाल दी गई थी, जिसे निर्धारित तारीख पर पूरा कर लिया गया.
आयोग के मुताबिक, सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष के पदों के साथ-साथ वार्ड सदस्यों के प्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इसी के बाद पूरे राज्य के शहरी क्षेत्रों से आदर्श आचार संहिता हटाने का फैसला लिया गया.
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों की मतगणना और परिणामों की घोषणा 7 नवंबर को पूरी हो गई, लेकिन ग्राम पंचायतों के चुनाव अभी बाकी हैं. ऐसे में आयोग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी.
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डीएससी
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