
नेल्लोर (आंध्र प्रदेश), 2 नवंबर . आंध्र प्रदेश के पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के पास Monday को समुद्र में फंसे सात मछुआरों को अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया. इन मछुआरों की नाव का इंजन खराब हो गया था, जिसके कारण वे समुद्र में फंस गए थे.
जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने बताया कि कावली निर्वाचन क्षेत्र के जुव्वलादिन्ने के पास नाव का इंजन खराब होने के कारण समुद्र में फंसे सात मछुआरों को सुरक्षित तट पर लाया गया है.
बंगाल की खाड़ी में चल रहे भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण समुद्र में लहरें तेज हैं. अधिकारियों ने किसानों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. जो लोग समुद्र में हैं, उन्हें वापस लौटने की सलाह दी गई है.
कलेक्टर ने बताया कि यह सफल बचाव अभियान मत्स्य विभाग, समुद्री Police और स्थानीय मछुआरों की समन्वित और त्वरित कार्रवाई का परिणाम था, जिन्होंने नाव और उस पर सवार सातों मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की.
मछुआरे जुव्वलादिन्ने मछली पकड़ने के बंदरगाह से मछली पकड़ने निकले थे. मौसम में बदलाव देखकर उन्होंने बंदरगाह लौटने की कोशिश की. हालांकि, रास्ते में ही नाव का इंजन खराब हो गया, जिससे वे बंदरगाह के प्रवेश द्वार से लगभग आधा किलोमीटर दूर समुद्र में फंस गए.
जुव्वलादिन्ने मछली पकड़ने के बंदरगाह पर तैनात निगरानी कर्मचारियों ने स्थिति को भांप लिया और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया. सूचना मिलते ही मत्स्य विभाग और समुद्री Police के अधिकारियों ने स्थानीय मछुआरों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया. शुरुआत में, समुद्र की तेज लहरों के कारण नाव तक पहुंचना मुश्किल साबित हुआ.
इस दौरान नाव का लंगर टूट गया और तेज लहरों के कारण नाव बहकर पताकाडापलेम गांव की ओर बढ़ने लगी. समुद्री Police, मत्स्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर तुरंत कार्रवाई करते हुए नाव का पीछा किया और बचाव अभियान जारी रखा. अंततः, वे नाव को पताकाडापलेम के तट पर सुरक्षित लाने में कामयाब रहे और यह सुनिश्चित किया कि नाव पर सवार सभी सात मछुआरे सुरक्षित बाहर आ जाएं.
जिला कलेक्टर ने मछुआरों की जान बचाने में सूझबूझ और प्रयासों के लिए मत्स्य विभाग के अधिकारियों, समुद्री Police, निगरानी कर्मियों और स्थानीय मछुआरों की सराहना की. कलेक्टर ने मछुआरों को समुद्र में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान सतर्क रहने और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने की भी सलाह दी.
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एएसएच/डीकेपी
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